शीशा तोड़ा, चौथी मंजिल से लगा दी छलांग...,प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई दिल्ली होटल में लगी आग के बाद जान बचाने के लिए कैसे मौत से लड़ते दिखे लोग
चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने के दौरान होटल के अंदर कई जोरदार धमाकों की आवाजें आईं। अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़ने की कोशिश करने लगे। कोई चौथा मंजिल से छलांग लगा दी।
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दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में फ्लोरिस स्टे (Flourish Stay B&B) होटल-रेस्टोरेंट में हुई अग्निकांड की चर्चा आज पूरे देश में हो रहे है। इस भीषण हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 18 विदेशी शामिल हैं। कई लोग अस्पताल में अब भी जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा इलाका दहशत में आ गया। घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने इस भयावह अग्निकांड की आंखों देखी बताई है।
चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने के दौरान होटल के अंदर कई जोरदार धमाकों की आवाजें आईं, जिससे लोगों में भगदड़ मच गई। अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़ने की कोशिश करने लगे। आग की लपटों के बीच हाथ में जो मिल रहा था उससे दरवाजे, खिड़कियों में लगे शीशे को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। मौत सामने थी फिर भी जान बचाने की हर मुमकिन कोशिश हो रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हादसे के समय कैसा था मंजर
घटना के समय मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "मेरा पेइंग गेस्ट मेरे पास आया और मुझे आग के बारे में बताया। जब मैं इस गली में बाहर निकला, तो मैंने देखा कि सड़क के दूसरी तरफ के लोग खिड़कियों को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। उनके अपने हाथों में जो भी चीज थी, उसी से शीशे पर मार रहे थे, लेकिन शीशा टूट ही नहीं रहा था।"
नीचे से ईंट-पत्थर मारकर तोड़े शीशे
हमने नीचे से खिड़कियों पर ईंटें और पत्थर फेंके ताकि शीशा टूट जाए। जब खिड़कियां टूट गईं, तो एक आदमी पहली मंजिल से नीचे कूद गया और उसके पैर में चोट लग गई। उसके बाद, हमने जितनी जल्दी हो सका, उतने गद्दे बिछा दिए। कुछ लोग तीसरी मंजिल से कूदे, तो कुछ चौथी मंजिल से। वे गद्दों पर गिरे और पूरी तरह सुरक्षित रहे। करीब 15 लोग कूदकर बाहर निकले। करीब 30 लोग खुद को आग की लपटों और धुआं के बीच में खुद को निकाला।
चौथी मंजिल से लोगों ने लगा दी छलांग
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को घंटों की मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फ्रायर बिग्रेड की गाड़ियों को घटनास्थल पर पहुंचने में काफी समय लग गया। स्थानीय लोग होटल में फंसे लोगों को बचाने की हर मुमकिन कोशिश करते नजर आए। धुएं और लपटों से घिरे कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों ने गद्दे बिछाकर उनकी मदद की, लेकिन कई लोग बच नहीं पाए।
अग्निकांड में 21 जिंदगियां खत्म
बता दें कि मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल के बेसमेंट में स्थित लेमन ग्रीन रेस्तरां में 3 जून को करीब सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर आग लगी थी। देखते ही देखती आग बहूमंजिला इमारत के हर फ्लोर पर फैल गई। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 विदेशी (लाइबेरिया, मोजाम्बिक, नाइजीरिया, कांगो) और 10 भारतीय शामिल हैं। होटल के मालिक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 4 June 2026 at 13:04 IST