अपडेटेड 23 February 2026 at 19:18 IST

पत्नी कभी बेरोजगार नहीं होती... घर की जिम्मेदारी संभालने वाली महिलाओं के लिए हाई कोर्ट का बड़ा बयान, कहा- इसे आलस्य समझना बंद करो

पत्नी कभी बेरोजगार नहीं होगी। घर की जिम्मेदारी संभालने वाली महिलाओं का काम समाज को दिखता नहीं, लेकिन वो एक ऐसा काम करती हैं, जिससे पुरुष बाहर निकलकर बिना किसी टेंशन के पैसे कमा सकता है।

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AI | Image: Freepik

नई दिल्लीः पत्नी कभी बेरोजगार नहीं होगी। घर की जिम्मेदारी संभालने वाली महिलाओं का काम समाज को दिखता नहीं, लेकिन वो एक ऐसा काम करती हैं, जिससे पुरुष बाहर निकलकर बिना किसी टेंशन के पैसे कमा सकता है। यह बातें दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले में अपना फैसला सुनाते वक्त कहीं।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने 16 फरवरी 2026 को सुनाए एक फैसले में घर बैठी पत्नियों के लिए एक अहम टिप्पणी की। उन्होंने साफ-साफ कहा कि घरेलू कामों को समाज आलस्य समझना बंद कर दे।

कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

कोर्ट ने अपने फैसले में साफ तौर पर ये कहा कि पत्नी का बेरोजगार होना उसका आलस्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई मान लेता है कि उनकी बेरोजगार पत्नी घर में खाली बैठी है, तो ये उनकी गलत समझ को दर्शाता है। उनका कहना था कि एक घर को चलाने में जो मेहनत लगती है, उसे पहचानना बहुत जरूरी है।

पत्नी के योगदान में पति की सफलता

कोर्ट ने कहा कि पत्नी के योगदान के बिना पति अपना काम प्रभावी ढंग से नहीं कर सकता है। अगर वो घर की जिम्मेदारियां ना संभाले तो पति बाहर जाकर पैसे नहीं कमा सकता। ऐसे में जब भी भरण-पोषण की राशि तय की जाए, तो केवल वित्तीय आय नहीं, बल्कि घरेलू योगदान को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।

जस्टिस शर्मा ने कहा कि रखरखाव के दावों का फैसला करते वक्त घर की वास्तविक परिस्थितियों का आकलन भी जरूरी है। पत्नी के घर संभालने के काम को निरर्थक समझना सबसे बड़ी गलती है। ऐसे समाज को अपनी सोच में सुधार करने की जरूरत है।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 23 February 2026 at 19:18 IST