Delhi Building Collapse: हॉस्टल के कमरे पतली-पतली गैलरी में बने हुए थे, एक ही एग्जिट गेट था, जानिए सत्य निकेतन में गिरने वाली इमारत कैसी थी
इस इमारत में Hostel days के नाम से एक हॉस्टल चल रहा था। इस इमारत के मालिक हरिओम बंसल और आनंद बंसल हैं। हालांकि उन्होंने इस इमारत को किसी और को एक महीने पहले लीज पर दिया था।
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रविवार को दिल्ली के मोतीबाग में दोपहर करीब 1.30 बजे सत्य निकेतन इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां तीन मंजिला इमारत गिरने से लगभग 50 से 60 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस इमारत में Hostel days के नाम से एक हॉस्टल चल रहा था। इस इमारत के मालिक हरिओम बंसल और आनंद बंसल हैं। हालांकि उन्होंने इस इमारत को किसी और को एक महीने पहले लीज पर दिया था।
कैसी थी इमारत
हॉस्टल डेज के नाम से इस इमारत में 4 फ्लोर के ऊपर छत बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि हर फ्लोर पर 4 कमरे बनाए गए थे। हॉस्टल के कमरे पतली-पतली गैलरी में बने हुए थे। यह भी पता चला है कि इस इमारत में सिर्फ एक ही एग्जिट गेट था। आग लगने या बिल्डिंग गिरने पर इमारत से बाहर निकलने का कोई दूसरा मार्ग नहीं बनाया गया था।
इस इमारत का निर्माण ऐसी तंग गलियों के बीच हुआ था कि एम्बुलेंस तक भी अंदर नहीं आ सकती है। इस हॉस्टल में करीब 10 कमरे बताए जा रहे हैं।
एक बैड का किराया 18 हजार
इस हॉस्टल में ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरे के एक बैड का किराया 18 हजार रुपये था। हालांकि सेकेंड फ्लोर रेंट पर नहीं दी गई थी। लेकिन थर्ड फ्लोर पर किराया 16,000 और फोर्थ फ्लोर पर किराया 14,000 रुपये था।
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इस इमारत के मालिक आनंद बंसल गुरुग्राम में रहते हैं। पुलिस ने मालिक के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर दिया है। एक साल पहले भी बिल्डिंग को खाली करवाया गया था। इस इमारत के नीचे मेडिकल शॉप चल रही थी।
जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
सत्य निकेतन इलाके में NDRF तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा हुआ है। स्थानीय लोग भी रेस्क्यू टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ी कोशिश मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की है।
Published By : Kritarth Sardana
पब्लिश्ड 6 September 2026 at 18:24 IST