Air Pollution: GRAP-4 का उल्लंघन करने पर 1 करोड़ का जुर्माना, नोएडा में प्रदूषण विभाग का बड़ा एक्शन
Air Pollution: नोएडा के सेक्टर-44 में प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक निर्माण कार्य पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
Air Pollution : नोएडा के सेक्टर-44 में प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक निर्माण कार्य पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई GRAP-4 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के लागू होने के बाद की गई है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन किया गया था। मिली जानकारी के मुताबिक, इस निर्माण कार्य से हवा में प्रदूषण बढ़ने का खतरा था, जिसके चलते भारी जुर्माना लगाया गया है।
पिछले दिनों देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण लेवल जानलेवा स्तर पर पहुंच गया, लोगों को गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। वहीं, सरकार ने भी प्रदूषण के स्तर को देखते हुए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप, GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया है। आइए जानते हैं GRAP-4 के बारे में कि ग्रेप-4 क्या होता है और इसमें क्या-क्या पाबंदियां होती हैं? ग्रेप-4 इन दिनों चर्चा का विषय भी बना हुआ है। क्योंकि लोग सर्च कर रहे हैं कि ग्रेप के चौथे चरण में दिल्ली में किन-किन चीजों पर पाबंदियां लगाई गई हैं, तो इसी के बारे में समझ बढ़ाने की कोशिश करते हैं, कि ग्रेप-4 का उद्देशय क्या है?
ग्रेप क्या होता है?
दिल्ली-NCR में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) तैयार किया गया है। इसमें चार चरण बनाए गए हैं। इनमें प्रदूषण को कम करने के लिए उपाय किए जाते हैं। एक्यूआई 200 के ऊपर जाने के बाद ग्रेप का पहला चरण लागू किया जाता है। वहीं, अब दिल्ली में ग्रेप का चौथा चरण लागू किया गया है, जिसमें कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं।
ग्रेप-1 में क्या-क्या?
जब AQI 201 से 300 से बीच होता है तो दिल्ली में ग्रेप का पहला चरण लागू किया जाता है। इसमें धूल नियंत्रण और खुले में जलाने पर प्रतिबंध जैसे उपाय शामिल हैं।
ग्रेप-2 में क्या होता है?
AQI 301 से 400 तक पहुंचने पर ग्रेप का दूसरा चरण लागू किया जाता है। इसमें सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाता है। वहीं, डीजल जनरेटर सेट जैसे कार्यों पर प्रतिबंद लगा दिया जाता है।
ग्रेप का तीसरा चरण लागू होने के बाद निजी भवन निर्माण, तोड़फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।
ग्रेप-4 में क्या-क्या प्रतिबंध?
अब ग्रेप का चौथा चरण लागू होने से दिल्ली में सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई। 10वीं और 12वीं के स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूलों पर बंद कर दिया गया है। साथ ही सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में वर्क फ्रॉर्म होम का निर्देश दे दिया गया है। दिल्ली में BS-4 के वाहनों पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 22 November 2024 at 11:03 IST