अपडेटेड 9 March 2026 at 19:34 IST
Delhi Liquor Scam: अपनी ढपली अपना राग... 'BJP बड़ा माहौल बना रही थी लेकिन HC ने कोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई', BJP पर AAP का पलटवार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने पाया कि तथाकथित शराब घोटाले का मामला पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत था। सोमवार को इसी मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। AAP ने लगाया है कि BJP सरकार को डर सता रहा है कि कहीं ED का मामला भी कूड़ेदान में न चला जाए।
27 फरवरी, 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को CBI के मामले में डिस्चार्ज कर दिया था। कोर्ट ने पाया कि जांच में गंभीर खामियां थीं और CBI की जांच पर भी सवाल उठाए थे। कोर्ट ने CBI जांच अधिकारी पर भी सख्त टिप्पणियां की और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की।
राउज एवेन्यू कोर्ट के खिलाफ CBI ने हाई कोर्ट का रुख किया था। 9 मार्च, 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में CBI की रिवीजन याचिका पर सुनवाई हुई। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर रोक लगा दी। इस फैसले के बाद BJP ने राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के डिस्चार्ज ऑर्डर पर कोई स्टे नहीं दिया। यानी आरोपियों की डिस्चार्ज अभी भी बरकरार है और वे कानूनी रूप से आरोपमुक्त हैं।
सौरभ भारद्वाज ने केंद्र पर तंज करते हुए कहा कि सरकार और CBI को डर है कि ED का जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला भी CBI की तरह कूड़ेदान में न पहुंच जाए। इसलिए वे ED केस को आगे बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन हाई कोर्ट ने ED के मामले को डेफर कर दिया है।
"AAP के वकीलों को सुना भी नहीं"
कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रायल कोर्ट की CBI और जांच अधिकारी के खिलाफ टिप्पणियों पर स्टे लगाया जाएगा, ताकि वे प्रभावी न रहें। लेकिन मुख्य फैसला यानी डिस्चार्ज ऑर्डर पर कोई रोक नहीं लगी। सौरभ भारद्वाज ने इसे CBI-ED अधिकारियों में हड़कंप का सबूत बताया और कहा कि केंद्र के वकीलों ने हाई कोर्ट में हाथ जोड़कर केवल अधिकारियों के खिलाफ ऑब्जर्वेशन पर रोक मांगी, जबकि AAP के वकीलों को अभी सुना भी नहीं गया।
कोर्ट ने 23 आरोपियों को किया डिस्चार्ज
फरवरी 2021 में नई नीति लागू होने के बाद यह विवाद बढ़ा और 2022 में इसे रद्द कर दिया गया। CBI और ED ने केस दर्ज किया। मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी फरवरी 2023 में हुई, सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 में सिसोदिया को जमानत दी। जबकि अरविंद केजरीवाल को बाद में जमानत मिली। लेकिन ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को सभी 23 आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया। कोर्ट ने CBI की जांच पर भी सवाल उठाए थे।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 9 March 2026 at 19:34 IST