Sonia Gandhi: सोनिया गांधी को कोर्ट ने भेजा नोटिस, नागरिक बनने से पहले ही वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने का आरोप

Delhi News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि भारत की नागरिकता हासिल करने से पहले ही वोटर लिस्ट में उनका नाम जोड़ दिया गया था। याचिका में दावा किया गया कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की नई दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल था। उन्हें 30 अप्रैल 1983 को भारत की नागरिकता मिली है।

 
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Sonia Gandhi | Image: X

Sonia Gandhi news: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है। मामला भारत की नागरिकता मिलने से पहले वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार, 9 नवंबर को सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा है।

नोटिस वकील विकास त्रिपाठी की ओर से दायर रिवीजन पिटीशन पर जारी किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी। 

नागरिकता मिलने से पहले नाम शामिल कराने का आरोप

वकील विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की नई दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल था। उन्हें 30 अप्रैल 1983 को भारत की नागरिकता मिली है। इसी आधार पर उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की गई थ। हालांकि, सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया था।

इसके बाद उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देते हुए रिवीजन पिटीशन दाखिल की। इस रिवीजन पिटीशन को लेकर अब दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोटिस जारी किया है।

याचिका में उठाए गए ये सवाल

याचिका में सवाल उठाए गए है कि जब सोनिया गांधी को भारत की नागरिकता नहीं मिली थी तो 1980 की वोटर लिस्ट में उनका नाम कैसे शामिल हुआ? याचिका में यह भी पूछा गया है कि 1982 में उनके नाम को वोटर लिस्ट से हटाया गया था। आखिर किन कारणों से यह कार्रवाई हुई?

याचिकाकर्ता ने पूछा है कि 1980 में उनके नाम को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए कौन से दस्तावेज दिए गए थे। क्या किसी गलत या फर्जी कागज इस्तेमाल हुआ था?

उन्होंने नागरिक बनने के बाद ही वोट दिया- प्रियंका गांधी 

सोनिया गांधी को नोटिस जारी किए जाने पर उनकी बेटी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, "क्या उनके पास सबूत है? यह पूरी तरह से झूठ है। उन्होंने नागरिक बनने के बाद ही वोट दिया। मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे उन्हें क्यों टारगेट कर रहे हैं। वह 80 साल की होने वाली हैं और उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश की सेवा में लगा दी है। इस उम्र में उन्हें छोड़ देना चाहिए।"

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 9 December 2025 at 16:38 IST