अपडेटेड 13 November 2025 at 19:11 IST
Delhi Blast: 2013 में कानपुर मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर... कौन हैं डॉक्टर शाहीन? जिन्हें दिल्ली ब्लास्ट मामले में किया गया गिरफ्तार
Delhi Blast: दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में 6 संदिग्ध आतंकी डॉक्टर शामिल थे। 6 संदिग्ध डॉक्टरों में डॉ. शाहीन सईद भी शामिल थी, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि शाहीन ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में प्रमुख पद पर काम किया है।
Delhi Blast: सोमवार, 10 नवम्बर 2025 को लाल किला मेट्रो स्टेशन पर देर शाम हुए ब्लास्ट में करीब 12 लोगों ने अपनी जान गवाई हैं और कई घायल भी बताए गए। घटना को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें भारत सरकार ने दिल्ली विस्फोट को 'आतंकवादी घटना' बताया है।
दिल्ली धमाके की गूंज 3 दिन बाद भी दिल्ली से लेकर फरीदाबाद, जम्मू कश्मीर और कानपुर तक सुनाई दे रही है। गौरतलब है कि इस धमाके के पीछे एक नहीं बल्कि, एक डॉक्टरों का गैंग था, जिसमें डॉ. आदिल अहमद डार, डॉ. मुजम्मिल शकील के साथ डॉ. शाहीन सईद और अन्य डॉक्टर भी शामिल थे। डॉ. शाहीन के बारे में खबर है कि इसकी कार से राइफल बरामद हुई थी और अल फलाह यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाती थी। खबरों के अनुसार डॉ. शाहीन कानपुर मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख रह चुकी है।
कानपुर मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी विभाग में किया काम
खबरों के अनुसार दिल्ली ब्लास्ट में शामिल डॉ. शाहीन सईद ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में काम किया था। जी हां, प्राप्त खबरों के अनुसार डॉ. शाहीन सईद ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख के रूप में काम किया है। खबरों के अनुसार 2012 से दिसंबर, 2013 तक कानपुर मेडिकल कॉलेज में काम किया है। उसके बाद उसका तबादला कन्नौज मेडिकल कॉलेज कर दिया गया। खबरों के अनुसार शाहीन का जन्म लखनऊ के कैसरबाग में एक साधारण परिवार में हुआ था।
पास से हथियार और विस्फोटक मिले थे
खबरों के अनुसार कहा जा रहा है कि जांच-पड़ताल के बाद डॉ. शाहीन सईद के पास से कई हथियार और विस्फोटक भी बरामद हुए थे। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने कानपुर से एक आने आरिफ़ को हिरासत में लिया है। माना जा रहा है कि डॉ. शाहीन से कथित संबंध था आरिफ़ के साथ।
केंद्र सरकार ने 'आतंकवादी घटना' बताया
कल प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस हाई लेवल मीटिंग में दिल्ली ब्लास्ट को 'राष्ट्र विरोधी' बताते हुए इसे 'आतंकवादी घटना' बताया गया। बैठक में मृतक लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखते हुए एक विशेष प्रस्ताव भी पारित हुआ है। इस पूरे मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। इस मामले में अभी तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई लोगों से पूछताछ जारी है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 13 November 2025 at 19:11 IST