अपडेटेड 29 January 2025 at 10:59 IST
उमेश कुमार और प्रणव चैंपियन के बीच गोलीबारी मामले को हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया, कहा- ये शर्मनाक और...
मंगलवार को हाईकोर्ट ने हरिद्वार के DMऔर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दोपहर भोज के बाद के सत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच रुड़की में हुई झड़प का स्वत: संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कहा कि यह घटना 'शर्मनाक और अक्षम्य है।' अदालत ने हरिद्वार के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि 'देवभूमि में बाहुबल का प्रदर्शन शर्मनाक और अक्षम्य है।' रविवार को चैंपियन अपने समर्थकों के साथ रुड़की के खानपुर स्थित कुमार के कार्यालय पहुंचे, उन्होंने कथित तौर पर वहां लोगों से अभद्रता की और दिनदहाड़े कुमार के कार्यालय पर बाहर से कई गोलियां चलाईं जिसके जवाब में कुमार ने भी बंदूक लहराई।
मंगलवार को उच्च न्यायालय ने हरिद्वार के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दोपहर भोज के बाद के सत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। दोनों ने दलील दी कि मौजूदा विधायक कुमार और पूर्व विधायक चैंपियन को गिरफ्तार किया गया है। चैंपियन जेल में हैं, जबकि उमेश कुमार जमानत पर हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं और सरकार उन्हें दी गई सुरक्षा हटाने की प्रक्रिया में है। यह भी बताया गया कि दोनों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में 19-19 मामले लंबित हैं। उच्च न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख 12 फरवरी तय की और जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
Published By : Ravindra Singh
पब्लिश्ड 29 January 2025 at 10:59 IST