सुपारी दी, स्कॉर्पियो से कुचलवाया; संपत्ति और सरकारी नौकरी के लिए आयुषी ने अपनी मां की हत्या के लिए रची खौफनाक साजिश, ऐसे खुला राज

आयुषी ने मां की हत्या की साजिश अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर रचि थी, जानें कैसे प्लानिंग की गई और स्कॉर्पियो से कुचलवाकर मां नीरज को मौत के घाट उतरा गया? पूरी कहानी सुन रूह कांप उठेगी, पढे़ं

 
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बेटी ने अपनी मां की हत्या करवा दी, इसके लिए 7 साल रुपये की सुपारी भी दी | Image: Republic

Jaipur Mother Murder: जयपुर से मां और बेटी के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक बेटी ने अपनी मां की हत्या करवा दी, इसके लिए 7 साल रुपये की सुपारी भी दी। इस मामले के बारे में सुनकर कोई भी सन रह जाएगा। बेटियों को अक्सर परिवार की ताकत बनते देखा जाता है, लेकिन आयुषी ने लालच की सारी हदें पार कर दी और प्रोपर्टी, पैसे और नौकरी के लिए इस हद तक गिर गई कि जिस मां ने जन्म दिया, उसी को स्कॉर्पियो से कुचलवा कर मरवा डाला।

मां को स्कॉर्पियो से कुचलकर मारवा डाला

आयुषी ने मां की हत्या की साजिश ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर रची। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया जिसमें 130 km की स्पीड से स्कॉर्पियो आते ही और महिला को भीषण टक्कर मारती है, टक्कर लगते ही महिला करीब 100 फीट की दूरी पर उछलकर गिरती है, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो जाती है। घटना 3 जुलाई की है, समय दोपहर बाद 4 बजकर 45 मिनट का बताया जा रहा है, जब प्रताप नगर के रविंद्र नगर में तेज रफ्तार गाड़ी ने महिला को कुचलकर मार डाला।

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हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश की

इस हत्या को शुरू में हादसा दिखाने के कोशिश की गई, शुरुआत में DCP (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि 'प्रताप नगर के रविन्द्र नगर में रहने वाली नीरज शर्मा (45) के पति का एक साल पहले निधन हो गया था। वे कोर्ट में एलडीसी थे। 8 महीने पहले पति की जगह नीरज की LDC की पोस्ट पर नौकरी लगी थी, नीरज 16 साल के बेटे के साथ रहती थी। 3 जुलाई की शाम महिला बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थी। इस दौरान ओवर स्पीड स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। करीब 130 KM की स्पीड से टक्कर लगने से महिला उछलकर 100 फीट दूर गिरी। मौके पर मौत होने पर स्कॉर्पियो को लेकर ड्राइवर फरार हो गया था। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया था।'

मामा को भांजी पर ऐसे हुआ शक

मृतक नीरज अक्सर अपने भाई राकेश कुमार शर्मा निवासी बयाना (भरतपुर) को बताया करती थी कि उसे परेशान किया जा रहा है। जिस दिन नीरज की मौत हुई उस दिन भांजी ने मामा को फोन पर बताया कि 'मामा, मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है वो खत्म हो गई है और फिर तुरंत फोन काट दिया।'

मामा को उसी वक्त अपनी बहन की कही बातें याद आने लगी और उसके तुरंत भांजी आयुषी शर्मा (23) पुत्री विजय कुमार शर्मा निवासी कल्याण नगर थर्ड, सांगानेर सहित अन्य के खिलाफ हत्या करने का मामला दर्ज करवाया। राकेश ने रिपोर्ट में बताया कि भांजी आयुषी ने मुझे कॉल किया था।

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मामा राकेश ने रिपोर्ट में क्या लिखवाया

राकेश ने रिपोर्ट में लिखवाया कि, मेरी बहन नीरज पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रही थी। नीरज ने पहले बताया भी था कि बेटी आयुषी, सास, जेठ का बेटा बलराम उर्फ रवि मिलकर परेशान करते हैं। मेरी प्रॉपर्टी हड़पने के लिए कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। मुझे शक है कि मेरी बहन की गाड़ी से कुचलकर हत्या करवाई गई है।'  

पिता की जगह नौकरी चाहती थी आयुषी

मामा ने केस करने के बाद मामला खुला और जांच की गई, जिसके बाद एक-एक कर अपराध की कहानी के पन्ने खुलने लगे, डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया कि 'नीरज शर्मा की हत्या उनके ही परिवार की साजिश का नतीजा थी। पिछले दो-तीन साल से नीरज की बेटी आयुषी का मां के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। पति विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद आयुषी चाहती थी कि पिता की जगह उसे नौकरी लग जाए, लेकिन नीरज ने खुद नौकरी जॉइन कर ली। इस बात से नाराज आयुषी ने मां को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की, आयुषी का भाई मानसिक रूप से कमजोर है इसलिए उसे पता था की मां के मरने के बाद सरकारी नौकरी उसे मिल जाएगी।'

ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर रचि साजिश

आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप (56) निवासी सेवर (भरतपुर) के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इसमें नीरज के ससुराल पक्ष के लोग भी शामिल थे। आयुषी और मोहन ने 7 लाख रुपए की सुपारी भी दी। आयुषी, मोहन और उनके बेटे बलराम उर्फ रवि ने सुपारी किलर हेमंत शर्मा (20) को घर बुलाकर कहा कि नीरज शर्मा की हत्या करनी है, बदले में 7 लाख रुपए मिलेंगे। सुपारी लेने के बाद हेमंत ने बलराम की मदद से रेकी की। पहले भरतपुर से थार गाड़ी किराए पर ली, लेकिन काम नहीं हो सका। एक महीने तक दोबारा रेकी करने के बाद स्कॉर्पियो से वारदात को अंजाम दिया गया।

स्कॉर्पियो से उड़ाकर की हत्या

वारदात वाली जगह के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में सफेद रंग की स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर महिला को मारते हुए देख गया। हत्या के वक्त मौके पर सड़क किनारे पिता-पुत्र बाल-बाल बचे। हेड कॉन्स्टेबल दयाराम की सूझबूझ से स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई गई। जांच में पता चला कि हत्या के वक्त आकाश शर्मा (23) स्कॉर्पियो चला रहा था। उसके बगल में अरविंद शर्मा (21) बैठा था। मोहित शर्मा (21) निवासी गहनोली मोड़ महिला के आने-जाने की लगातार सूचना दे रहा था। बाइक पर रोहित जाटव (22) कुछ दूरी पर खड़ा था। हत्या के बाद मोहित रोहित के साथ बाइक पर सवार होकर नारायण सिंह सर्किल पहुंचा और वहां से बस पकड़कर भाग गया। आकाश और अरविंद ने स्कॉर्पियो चौपाटी पर छोड़ दी और बाइक से चले गए, जांच के बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो बरामद कर ली।

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मां ने नौकरी नहीं दी, टेंशन में थी- आयुषी

पूछताछ में आरोपी आयुषी ने बताया कि पिता की मौत के बाद जब मां ने नौकरी नहीं दी तो वह टेंशन में आ गई। ताऊ मोहन स्वरूप और उनके बेटे बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर उसने मां को मारकर नौकरी हासिल करने और प्रॉपर्टी हड़पने की प्लानिंग की। पुलिस ने इस मामले में मृतका की बेटी आयुषी, जेठ मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, इनमें से बलराम उर्फ रवि अभी फरार है। 

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 9 July 2026 at 11:02 IST