नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस को एक और झटका, 3 अक्टूबर तक जेल में रहेंगे कैंडिडेट मिलन प्रधान; नहीं कर पाएंगे चुनाव प्रचार
हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कोर्ट के इस फैसले से पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
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नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस को झटके पर झटका लग रहा है। शुक्रवार को कांग्रेस कैंडिडेट मिलन प्रधान को पुलिस ने एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया है। आज उनकी हल्दिया कोर्ट में पेशी हुई, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेल जाने की वजह से अब मिलन प्रधान चुनाव प्रचार भी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि चार अक्टूबर चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है।
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को वोटिंग होनी। मगर उसके पहले यहां बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। कांग्रेस कैंडिडेट मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद उन्हें शनिवार को हल्दिया कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को जेल भेजने का आदेश दिया है। मिलन को 2007 के पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान 3 अक्टूबर तक जेल भेजे गए
हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रधान को 2007 के जमीन आंदोलन से जुड़े चार 19 साल पुराने गैर-जमानती वारंट के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था। जेल जाने की वजह से अब मिलन प्रधान चुनाव प्रचार भी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि चार अक्टूबर चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है।
मिलन के खिलाफ कार्रवाई पूर्व सीएम ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हुई। इस कदम पर कांग्रेस और ममता खेमे ने सवाल उठाते हुए राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है,जबकि पुलिस ने इसे नियमित कानूनी प्रक्रिया बताया। पुलिस के अनुसार, मिलन प्रधान के खिलाफ चार गैर-जमानती वारंट लंबित थे। ये सभी मामले साल 2007 में नंदीग्राम के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के समय दर्ज किए गए थे, जिनमें हत्या, जानलेवा हमला, दंगा, अपहरण, आपराधिक धमकी और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
गिरफ्तारी के पीछे ये है मामला
- मिलन प्रधान के खिलाफ नंदीग्राम और खेजुरी पुलिस स्टेशन में 2007 के चार पुराने मामले लंबित हैं, जिनमें हत्या और हथियार संबंधी धाराएं शामिल हैं।
- नंदीग्राम पुलिस स्टेशन केस संख्या 75/07 (30 अप्रैल 2007): आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 448, 302, 506 और आर्म्स एक्ट की धारा 27।
- नंदीग्राम पुलिस स्टेशन केस संख्या 221/07 (15 नवंबर 2007): आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 326, 364, 302 और 201।
- नंदीग्राम पुलिस स्टेशन केस संख्या 188/07 (8 नवंबर 2007): आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 324, 307, 302 और आर्म्स एक्ट की धारा 25/27।
- खेजुरी पुलिस स्टेशन केस संख्या 44/07 (30 जुलाई 2007): आईपीसी की धारा 148/149 और आर्म्स एक्ट की धारा 25/35।
नंदीग्राम सीट पर किस-किस के बीच मुकाबला?
नंदीग्राम सीट पर पहले सुवेंदु अधिकारी जीते थे। सीएम बनने के बाद सीट छोड़ने से उपचुनाव हो रहा है। भाजपा ने यहां सुवेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया था। जबकि बागी रितब्रत बनर्जी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को मैदान में उतारा है। नंदीग्राम उपचुनाव अब और ज्यादा दिलचस्प हो गया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 19 September 2026 at 18:54 IST