'बीमारू UP नहीं था, बीमारू वो मानसिकता थी जो 2017 से पहले शासन कर रही थी', यूपी की उपलब्धियों को गिनाते हुए CM योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम योगी ने लखनऊ में आयोजित UP Summit 2026 में कहा कि पिछले 9 सालों में डबल इंजन सरकार ने यूपी को 'बीमारू' छवि से बाहर निकाला है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट 3 लाख करोड़ से बढ़कर 9 लाख करोड़ हुआ है, प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है और बेरोजगारी दर 19% से घटकर 3% से कम रह गई है।
- भारत
- 4 min read
R Bharat Uchaaiyon Par UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिपब्लिक भारत के कार्यक्रम 'UP Summit 2026- ऊंचाइयों पर उत्तर प्रदेश' में शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन (14 जुलाई) को लखनऊ में किया जा रहा है, जिसमें योगी कैबिनेट के कई मंत्री शिरकत करेंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पिछले 9 सालों में यूपी में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा था कि बीमारू UP नहीं था, बीमारू वो मानसिकता थी जो 2017 से पहले शासन कर रही थी।
सीएम योगी ने कहा कि हमने 9 सालों में यूपी की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने के साथ-साथ प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी को भी तीन गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। ये जो आंकड़े हैं, ये केवल आंकड़े नहीं है। ये आंकड़े वे हैं, जिसने उत्तर प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान के उस संकट से उभारने में मदद की।
‘9 साल पहले जो कल्पना भी नहीं थी, वो आज…’
उन्होंने कहा कि आज से 9 साल पहले जो कल्पना भी नहीं थी, जिस राज्य के बारे में नियति मान ली गई थी कि ये तो यूपी में नहीं हो सकता है, यूपी आगे नहीं बढ़ सकता है, लेकिन वह इन 9 सालों में डबल इंजन सरकार ने करके दिखाया है। पिछड़ापन, अव्यवस्था, दंगे, गुंडागर्दी, कर्फ्यू, बेरोजगारी, ये सब यूपी की पहचान बन चुकी थी। खामियाजा यहां के युवाओं को भुगतना पड़ता था। उसको अपने राज्य में रोजगार नहीं मिलता था। यहां से बाहर जाने पर पहचान का संकट खड़ा हो जाता था।
2017 से पहले असमंजस की स्थिति थी- CM योगी
सीएम योगी ने इस दौरान पहली कैबिनेट बैठक से जुड़ा किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा कि 2017 में जब सरकार बनने के बाद हमें काम करने के अवसर प्राप्त हुए, एक असमंजस की स्थिति थी। मुझे याद है जब पहली कैबिनेट की मीटिंग करनी थी। बैठक में हमारा संकल्प था कि पहला काम अन्नदाता से प्रारंभ करेंगे। प्रदेश का खजाना खाली, बैंकर्स से बातचीत करें कोई हमारा फोन न उठाएं। बड़ी अजीब सी स्थिति थी। हमारे उस समय के फाइनेंस सेक्रेटरी मेरे पास एक दिन आए और कहने लगे कि मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती, आप मुझे मुक्त कर देते। आप कल्पना कर सकते हैं ये यूपी की स्थिति थी।
उन्होंने कहा कि जब हम लोगों ने काम करना प्रारंभ किया, निर्णय लेने प्रारंभ किए, जनता-जर्नादन का समर्थन सामने आया और उसके साथ ही अलग-अलग समय के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम आने प्रारंभ हुए। आज मैं कह सकता हूं कि वास्तव में उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं था, बीमारू वो मानसिकता थी जो यूपी के अंदर 2017 के पहले शासन कर रही थी, जिसने यूपी को बीमार करके छोड़ दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बीमार मानसिकता ने यूपी के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था। जिन मानसिकता ने यहां के किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया था, जिसने यहां के हर व्यक्ति के सामने असुरक्षा का संकट खड़ा किया था, वो बीमार मानसिकता थी। वो बीमार मानसिकता हर एक जगह हम सबको दिखाई देती थी।
सीएम योगी ने रखी 'नए यूपी' की तस्वीर
उन्होंने तमाम उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा था कि हम लोग आए थे उस समय यूपी का बजट 3 लाख करोड़ का था, इस वर्ष हमने जो अपना बजट पेश किया था, वो 9 लाख करोड़ रुपये का यूपी का वार्षिक बजट है। 2016-17 में यूपी की कुल GSDP 12 लाख करोड़ की थी, जो इस समय 36 लाख करोड़ की है। 2016-17 में यूपी में प्रति व्यक्ति आय 45 हजार रुपये थी, आज वो एक लाख 20 हजार को क्रॉस कर चुकी है। यूपी के अंदर महिला कार्यबल 12 फीसदी था, आज वो 37-38 फीसदी से अधिक है। यूपी में 2016-17 में बेरोजगारी दर वो 19 फीसदी थी, आज वो 3 फीसदी से कम रह गया है। ये है वो तस्वीर है, जो नई यूपी की बात करती है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 14 July 2026 at 11:43 IST