'ये आंदोलन बाहर से फंडेड है, अमेरिका हमसे काफी नाराज है, नेपाल-बांग्लादेश में ये सब किसने कराया, ये दिपके कहां से आ गया...', हरीश साल्वे की दो टूक
भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने SIR और EC के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस आंदोलन की फंडिंग बाहर से हो रही है और भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति बनाने की कोशिश की जा रही है।
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सीनियर वकील और भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने मुख्य चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ चल रहे बवाल के बीच एक बड़ा बयान दिया है। साल्वे ने कहा कि देश मे चल रहे आंदोलन की फंडिंग विदेश से हो रही है और अशांति फैलाने में बाहरी ताकतों की भूमिका हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि देश में बांग्लादेश और नेपाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।
बांग्लादेश और नेपाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश
SIR और EC के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शनों के लिए विदेशी फंडिंग मिल रही है और आरोप लगाया कि कुछ समूह सरकार को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शनों के लिए फंडिंग के स्रोतों पर भी सवाल उठाए।
बांग्लादेश और नेपाल जैसा माहौल की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा "क्या इस बात पर कोई शक है कि नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में हुई उथल-पुथल के पीछे कौन था? शेख हसीना को किसने हटाया और वहां नया प्रधानमंत्री कौन लाया? मेरी राय में, इन घटनाओं के पीछे बाहरी ताकतें थीं।" उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में भी ऐसा ही पैटर्न उभर रहा है, जिसमें कुछ लोग विरोध प्रदर्शनों में आगे आ रहे हैं।
कुछ समूह भारत को आगे बढ़ने से रोक रहे
साल्वे ने पिछले छह से आठ महीनों की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि "जहां सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) संकट से निपटने, आर्थिक विकास, तकनीकी प्रगति और भारत की सैटेलाइट क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, वहीं कुछ समूह सरकार को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।"
मैं इसे लोगों का आंदोलन नहीं मानता-साल्वे
SIR और EC के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर हरीश साल्वे ने आगे कहा कि 'मैं इसे लोगों का आंदोलन नहीं मानता।' इन दौरान उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म (जैसे YouTube वीडियो, रील्स और छोटे मैसेज) के ज़रिए गलत बातें या नैरेटिव फैलाने पर भी चिंता जताई।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 12 October 2026 at 17:28 IST