अपडेटेड 19 February 2026 at 13:23 IST
मोबाइल गेम का टास्क, खतरनाक ब्लेड ट्रेंड या कुछ और...21 छात्र-14 छात्राओं ने काट लिया अपना हाथ; छत्तीसगढ़ में सन्न कर देने वाली वारदात
छत्तीसगढ़ के एक गांव से ऐसी खबर सामने आई है जिसे हर किसी को सन्न कर दिया है। यहां के धमतरी जिले के कुरुद में स्थित एक स्कूल में एक या दो नहीं, बल्कि 35 बच्चों के हाथों में एक जैसे कट के निशान दिखाई दिए।
छत्तीसगढ़ के एक गांव से ऐसी खबर सामने आई है जिसे हर किसी को सन्न कर दिया है। यहां के धमतरी जिले के कुरुद में स्थित एक स्कूल में एक या दो नहीं, बल्कि 35 बच्चों के हाथों में एक जैसे कट के निशान दिखाई दिए। बच्चों ने ब्लेड, पिन और कांटो या किसी नुकीली चीज से खुद को जख्मी कर डाला है। अब बच्चों ने ऐसा क्यों किया है इस बात की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीम ,खंड शिक्षा अधिकारी, एसडीओपी, पुलिस गांव पहुंचे और बच्चों से पूछताछ-काउंसलिंग की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बच्चों में यह एक ट्रेंड बन गया था, जो सोशल मीडिया पर देखी गई रील्स और टास्क जैसी गतिविधियों से जुड़ा बताया जा रहा है।
यह मामला तब उजागर हुआ जब तीन छात्रों के परिजन स्कूल पहुंचे और प्राचार्य को बच्चों के हाथों में लगे निशानों की जानकारी दी। जांच में पता चला कि एक-दो नहीं बल्कि करीब तीन दर्जन छात्र-छात्राएं इस हरकत में शामिल हैं। फिलहाल प्रशासन यह जानने में जुटा है कि आखिर बच्चों ने ऐसा क्यों किया।
नशा, मोबाइल गेम या मानसिक दबाव?
स्कूल प्राचार्य पुनीत राम साहू का कहना है कि घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। गांव में अवैध शराब और नशे की गोलियों की बिक्री की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ लोगों का संदेह है कि कहीं यह किसी मोबाइल गेम या ऑनलाइन टास्क का प्रभाव तो नहीं है। वहीं, यह भी आशंका जताई जा रही है कि बच्चों ने सिर्फ एक दूसरे की नकल करते हुए यह कदम उठाया होगा। फिलहाल, सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
मेडिकल टीम को नशे की लत का डर
अधिकारी ने बताया कि विद्यार्थियों को समझाया गया है तथा अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों पर नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। कुरूद क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार साहू ने बताया कि 13 फरवरी को यह मामला संज्ञान में आया था। यह 15 से 20 दिन पुराना मामला है। साहू ने बताया कि चिकित्सकों के दल ने मामले की जांच की है। उन्हें आशंका है कि बच्चों ने नशे के कारण इस घटना को अंजाम दिया है। चिकित्सकों और अधिकारियों ने अभिभावकों तथा शिक्षकों की बैठक ली है। वहीं 16 फरवरी को सभी विद्यार्थियों की काउंसलिंग भी की गई।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 19 February 2026 at 13:23 IST