अपडेटेड 14 April 2025 at 17:43 IST
UCC लागू कर हमने बाबा साहब के सपने को साकार किया, आज उत्तराखंड एक बार फिर देश को दिशा दिखा रहा है- CM धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के ऐतिहासिक फैसले के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर महामंच द्वारा सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के ऐतिहासिक फैसले के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर महामंच द्वारा सम्मानित किया गया। तपती धूप के बावजूद उमड़ी भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि जनता ने इस साहसी निर्णय में अपने मुख्यमंत्री के साथ खड़े होने का ऐलान कर दिया है। यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं था, बल्कि उस विचारधारा का था जो वर्षों से समाज में न्याय और समानता की नींव रखने का काम कर रही है।
सीएम धामी ने वह कर दिखाया जिसकी प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने समान नागरिक संहिता को जमीन पर उतारकर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के उस स्वप्न को साकार कर दिया, जिसमें हर नागरिक को जाति, धर्म, लिंग या वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर एक समान अधिकार दिलाने की बात थी। बाबा साहेब ने इस सोच को भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों में शामिल किया था और अब उत्तराखंड ने इसे कानून के रूप में लागू कर इतिहास रच दिया है।
UCC सामाजिक न्याय और बराबरी की दिशा में एक बड़ा कदम- CM धामी
अपने भाषण में मुख्यमंत्री धामी ने डॉ. अंबेडकर को युगदृष्टा बताया और कहा कि जब तक देश के हर नागरिक को समान अधिकार नहीं मिलते, तब तक सच्ची समानता का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और बराबरी की दिशा में एक बड़ा कदम है।
वर्षों तक कांग्रेस ने बाबा साहेब को नजरअंदाज किया- CM धामी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि वर्षों तक कांग्रेस ने बाबा साहेब को नजरअंदाज किया, उनके विचारों को दरकिनार किया। लेकिन आज का भारत अब उनके सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक ऐसा भारत जो अपनी जड़ों को सम्मान देता है और साथ ही भविष्य की ओर साहसिक कदम उठाने से नहीं हिचकिचाता।
आज उत्तराखंड एक बार फिर देश को दिशा दिखा रहा है- CM धामी
हरिद्वार की यह ऐतिहासिक भीड़ केवल लोगों की मौजूदगी नहीं थी, यह एक जनआवाज थी, जो पूरे देश में गूंज रही है। मुख्यमंत्री धामी की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन ने मिलकर इस क्रांतिकारी फैसले को हकीकत में बदला है। आज उत्तराखंड एक बार फिर देश को दिशा दिखा रहा है। समानता अब सिर्फ संविधान की किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि कानून बनकर जमीन पर उतर चुकी है। यह केवल एक कानून नहीं बल्कि एक नए भारत की ओर बढ़ाया गया निर्णायक और ऐतिहासिक कदम है।
Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 14 April 2025 at 17:41 IST