अपडेटेड 31 January 2026 at 20:29 IST
‘बंगले से पंखा-AC-बल्ब गायब…’ तेजप्रताप यादव के सरकारी आवास खाली करने के बाद बोले मंत्री लखेंद्र पासवान, कहा- रहने लायक भी नहीं
Tej Pratap Yadav Bungalow Controversy: बिहार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव पर उनके खाली किए गए सरकारी आवास से पंखे, एसी और अन्य कीमती सामान गायब करने का आरोप लगाया है। पासवान का कहना है कि बंगला फिलहाल रहने योग्य नहीं है।
Tej Pratap Yadav Bungalow Case: बिहार की सियासत में सरकारी आवासों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नया नहीं है, लेकिन इस बार मामला पूर्व मंत्री और मंत्री के बीच है, जिसने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान ने पूर्व मंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव द्वारा खाली किए गए सरकारी बंगले की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पासवान को हाल ही में यह बंगला आवंटित किया गया था। इसके बाद उन्होंने तेजप्रताप यादव पर कई आरोप लगाए हैं।
‘पंखे, एसी और बल्ब तक गायब’
मंत्री लखेंद्र पासवान ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि बंगले की हालत किसी खंडहर जैसी कर दी गई है। उनके अनुसार, आवास के अंदर से न केवल फर्नीचर, बल्कि पंखे, एसी और यहां तक कि बल्ब भी गायब हैं। पासवान ने दावा किया कि दीवारों और छत को भी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे फिलहाल वहां रहना किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को मिलने वाला सरकारी आवास बुनियादी सुविधाओं से लैस होना चाहिए, लेकिन यहां तो गेट के लैच तक टूटे हुए हैं।
तेजप्रताप की चुप्पी बरकरार
इस पूरे विवाद के पीछे का घटनाक्रम 25 नवंबर 2025 से शुरू हुआ था, जब तेजप्रताप यादव को महुआ विधानसभा सीट से चुनाव हारने के बाद बंगला (26 M स्ट्रैंड रोड) खाली करने का नोटिस दिया गया था।
नियमों के अनुसार, पद मुक्त होने के एक महीने के भीतर आवास खाली करना होता है। अब जबकि लखेंद्र पासवान ने इन कमियों को उजागर किया है, लेकिन फिर भी तेजप्रताप यादव या उनके किसी आधिकारिक प्रवक्ता ने अभी तक इन आरोपों पर कोई सफाई पेश नहीं की है।
भवन निर्माण विभाग की जांच पर टिकी निगाहें
लखेंद्र पासवान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक भवन निर्माण विभाग इस बंगले की पूरी तरह से मरम्मत नहीं करवा देता, तब तक वे इसमें शिफ्ट नहीं होंगे। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर पूरी जर्जर स्थिति से अवगत करा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विभाग इस मामले में कोई आधिकारिक जांच बिठाता है और क्या पूर्व आवंटी से इन 'लापता' सामानों की रिकवरी की जाएगी।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 31 January 2026 at 20:29 IST