'एडवाइस का अचार डालेंगे, यहां मरीज...', जमुई सदर अस्पताल में जज्चा-बच्चा की मौत पर मंत्री श्रेयसी सिंह का दिखा रौद्र रूप- VIDEO
जमुई के सदर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला गंभीर हो गया है। बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह मौके पर पहुंचीं और अस्पताल स्टाफ पर जमकर बरसीं। उन्होंने डॉक्टरों पर कड़े एक्शन की भी बात कही है।
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बिहार के जमुई स्थित सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही के चलते 24 घंटे के अंदर दो गर्भवती महिलाओं और एक नवजात की मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे जिले में आक्रोश पैदा कर दिया है। बिहार सरकार की मंत्री और भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह मौके पर पहुंचीं और अस्पताल स्टाफ पर जमकर बरसीं। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कड़े एक्शन की भी बात कही। मंत्री श्रेयसी का अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाने का वीडियो भी सामने आयाहै।
जानकारी के अनुसार, अनिता कुमारी नाम की महिला को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। इसके कुछ ही घंटों बाद आस्था कुमारी नाम की एक अन्य महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उनकी भी मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि महिला के ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने के बावजूद लेडी डॉक्टर देखने तक नहीं पहुंचीं। आस्था के परिजनों ने शव को अस्पताल के गेट पर रखकर जोरदार हंगामा किया।
मंत्री श्रेयसी सिंह का दिखा रौद्र रूप
घटना की गंभीरता को देखते हुए मंत्री श्रेयसी सिंह जमुई सदर अस्पताल पहुंचीं। वहां इलाज में लापरवाही और डॉक्टर के अस्पताल में मौजूद न होने की शिकायतें सामने आईं। मंत्री ने स्टाफ से पूछा, “मरीज के साथ क्या हुआ था, बताओ।” जवाब में ड्यूटी कर्मचारी ने बताया कि महिला का ऑपरेशन हुआ था और उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इस पर मंत्री ने तीखा सवाल किया, “जब वो ब्रेथलेस हो रही थी तो डॉक्टर को क्यों नहीं बुलाया?” कर्मचारी ने जवाब दिया कि इमरजेंसी डॉक्टर ने नेबुलाइजेशन की सलाह दी थी। इतना सुनते ही मंत्री भड़क उठीं और कहा, “आपके एडवाइजमेंट का अचार डालेंगे यहां के लोग। आपने डॉक्टर को क्यों नहीं बुलाया?”
ड्यूटी डॉक्टर की लापरवाही पर भड़की मंत्री
रौद्र रूप दिखाते हुए मंत्री ने आगे कहा, “ड्यूटी डॉक्टर की लापरवाही हुई है। इस सवाल का जवाब तब आता है जब किसी की जान चली जाती है। 12 घंटे के अंदर दो लोगों की जान जा चुकी है। आप लोग बिना रिपोर्ट के सर्जरी करते हैं। नाइट ड्यूटी पर डॉक्टर कहां थी? यही तो मुद्दा है। नाइट ड्यूटी पर क्यों नहीं थी? क्या डॉक्टर की जवाबदेही नहीं बनती कि रात के 12 बजे भी अपने मरीज के लिए आकर खड़े हों? चलो, सबको डीएम के पास ले चलो। सबको गिरफ्तार किया जाएगा।”
3 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने उप विकास आयुक्त (DDC) की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 5 October 2026 at 10:34 IST