अपडेटेड 13 February 2026 at 19:55 IST
बेउर जेल से बाहर आए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, निकलते ही सबसे पहले क्या कहा?
बिहार के पटना की एक स्पेशल कोर्ट से उनके खिलाफ दर्ज तीन अलग-अलग केस में बेल मिलने के बाद पूर्णिया MP पप्पू यादव शुक्रवार को बेउर जेल से बाहर आ गए।
बिहार के पटना की एक स्पेशल कोर्ट से उनके खिलाफ दर्ज तीन अलग-अलग केस में बेल मिलने के बाद पूर्णिया MP पप्पू यादव शुक्रवार को बेउर जेल से बाहर आ गए।
एक हफ्ते बाद जेल से बाहर आने के बाद, पूर्णिया के MP ने दावा किया कि उनकी गिरफ्तारी एक सीनियर SP और तीन नेताओं की बड़ी साजिश थी।
जेल में क्यों बंद थे पप्पू यादव?
पप्पू यादव को 6 फरवरी 2026 को पटना में 31 साल पुराने एक धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में आधी रात को गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी पर हंगामा भी हुआ था। उस मामले में सांसद को पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाने के नए/पुराने मामलों के कारण वे बेउर जेल में बंद थे।
दरअसल, एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) के मामले में वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी के समय पप्पू यादव ने पहले पुलिस के साथ जाने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उनका कहना था कि पुलिस के पास संपत्ति कुर्की-जब्ती का वारंट है। भारी हो हंगामा के बाद पुलिस ने इसके बाद उन्हें शुक्रवार देर रात पटना के मंदिरी स्थित उनके घर से हिरासत में लिया था।
जेल से निकलकर क्या बोले?
पटना बेउर जेल से निकलने पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, "मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया। सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है। एक दिल्ली के नेता, एक बिहार के नेता और एक पूर्णिया के नेता की ये साजिश थी। खेमका हत्याकांड में जो एनकाउंटर हुआ वो गलत बच्चे का हुआ। हमें वो गवाही मिल गई है। बच्चों को 4 बजे निकालकर गोली मारी गई। मैं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा और केस लड़ूंगा। NEET की बच्ची की लड़ाई मैं रुकने नहीं दूंगा। जिन लोगों ने भी हमारा समर्थन किया मैं उनका ऋणी हूं। मुझे मरवाने की भी कोशिश हुई।"
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 13 February 2026 at 19:48 IST