अपडेटेड 12 April 2025 at 23:34 IST
BIHAR: 'शराब माफियाओं से मिला है लालू यादव का कुनबा', बिहार डिप्टी सीएम का आरजेडी मुखिया के परिवार पर बड़ा आरोप
राजनीतिक विश्लेषको का मानना है कि BJP इस बार चुनावी रणनीति में "कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार" को मुख्य हथियार बनाकर RJD पर हमला बोल रही है।
Samrat Chaudhary Slams Lalu Family connection with Liquor Mafia: बिहार की राजनीति एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी से गरमा गई है। राज्य के डिप्टी सीएम और भारतीय जनता पार्टी के नेता सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह "शराब माफियाओं को टिकट देने का काम करते हैं"। चौधरी ने अपने बयान में कहा, “टिकट तो वे (तेजस्वी) ही देते हैं, और यह सबको साफ दिखाई देता है। हम जानते हैं कि शराब माफिया को टिकट देने का काम तेजस्वी यादव करते हैं। लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार ही शराब माफियाओं के साथ मिला हुआ है।” सम्राट चौधरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में आगामी चुनावों की सरगर्मियां तेज़ हो रही हैं, और पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर ज़ोर पकड़ चुका है।
राजनीतिक विश्लेषको का मानना है कि बीजेपी इस बार चुनावी रणनीति में "कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार" को मुख्य हथियार बनाकर RJD पर हमला बोल रही है। शराबबंदी के मुद्दे को लेकर पहले से ही जेडीयू और बीजेपी के बीच मतभेद के संकेत मिलते रहे हैं, लेकिन अब डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी द्वारा सीधे तेजस्वी और लालू परिवार को घेरने से सियासी पारा और चढ़ना तय है। वहीं, RJD की ओर से अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस आरोप को "चुनावी हथकंडा" मान रही है और जल्द ही जवाबी हमला कर सकती है। राजनीतिक हलकों में यह बयान आगामी गठबंधन समीकरणों, विशेषकर महागठबंधन बनाम NDA के परिप्रेक्ष्य में काफी अहम माना जा रहा है। अब देखना यह है कि तेजस्वी यादव इस तीखे राजनीतिक वार का जवाब किस अंदाज़ में देते हैं।
सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर तीखा हमला
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और उसके नेता तेजस्वी यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी ने कई आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट देकर यह साबित कर दिया है कि पार्टी का अपराध और माफिया से सीधा संबंध है। सम्राट चौधरी ने कहा, “गोपालगंज और सीवान जैसे जिलों में दिए गए टिकट इसके स्पष्ट उदाहरण हैं। ये वो सीटें हैं जहां माफिया से गठजोड़ की राजनीति वर्षों से हावी रही है, और आरजेडी उसे आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।” इस बयान के जरिए सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता और उनकी पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता अब इस तरह की ‘परिवारवाद और अपराध-प्रेमी राजनीति’ से ऊब चुकी है।
बिहार विधानसभा चुनाव पर बड़ा सियासी संकेत
सम्राट चौधरी ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए कहा, “चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, और बिहार में अगली सरकार भी उन्हीं के नेतृत्व में बनेगी। एनडीए पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगा और जनता एक बार फिर विकास और स्थिरता को चुनेगी।” सम्राट चौधरी का यह बयान एनडीए में नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर लग रहे कयासों पर भी विराम लगाने जैसा है। यह साफ संकेत है कि भाजपा-जदयू गठबंधन फिलहाल मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर एकमत है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट का यह दोहरा हमला एक ओर तेजस्वी यादव पर और दूसरी ओर नीतीश कुमार के पक्ष में बिहार में आगामी सियासी समीकरणों की दिशा तय कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीति आरोप-प्रत्यारोप के तेज़ दौर से गुजर रही है, और चुनावी शतरंज की बिसात तेजी से सज रही है।
शराबबंदी को लेकर बिहार सरकार पर तेजस्वी ने बोला था हमला
बिहार की राजनीति में शराबबंदी एक बार फिर गर्म बहस का मुद्दा बन गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य की नीतीश सरकार पर करारा हमला बोलते हुए शराबबंदी नीति को "भ्रष्टाचार और कालेधंधे का अड्डा" करार दिया है। तेजस्वी यादव ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर सरकार को निशाने पर लेते हुए लिखा था, “बिहार पुलिस और बिहार सरकार ने शराबबंदी को अवैध उगाही, तस्करी और भ्रष्टाचार का एक सशक्त उपकरण बना लिया है। शराबबंदी के नाम पर बिहार में 40 हजार करोड़ से अधिक के अवैध कारोबार यानी ब्लैक मार्केट की समानांतर अर्थव्यवस्था चल रही है।” तेजस्वी के इस बयान ने राज्य में सियासी हलचल मचा दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शराबबंदी का असल लाभ आम जनता को नहीं, बल्कि तंत्र के भीतर मौजूद भ्रष्ट ताकतों को मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान न केवल तेजस्वी की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा है, बल्कि नीतीश कुमार की छवि और उनकी शराबबंदी अभियान की विश्वसनीयता को चुनौती देने की कोशिश भी है।
Published By : Ravindra Singh
पब्लिश्ड 12 April 2025 at 23:34 IST