बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री के आवास का नाम लोक सेवक आवास किया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक अहम फैसला लेते हुए राजधानी पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास का नाम बदल दिया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।

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बिहार के मुख्यमंत्री आवास का नाम बदला गया | Image: ANI/Republic

बिहार में कैबिनेट विस्तार से पहले एक और बड़े बदलाव की खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक अहम फैसला लेते हुए राजधानी पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास का नाम बदल दिया है। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास का नाम 7, रेसकोर्स रोड से बदलकर 7, लोक कल्याण मार्ग किया था। इसी तर्ज पर अब बिहार सीएम ने भी मुख्यमंत्री आवास का नाम बदल दिया है।

पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास, जिसे '1 अणे मार्ग' के नाम से जाना जाता था, अब उसका नाम बदलकर 'लोक सेवक आवास' कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने यह फैसला लिया है, साथ ही यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस फैसले के जरिए बिहार के नए मुख्यमंत्री ने जनता को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

बदल गया CM आवास का नाम

राजधानी पटना का 1, अणे मार्ग वाला बंगला दशकों से मुख्यमंत्री आवास के रूप में जाना जाता था। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगभग 20 सालों तक यहां रहते हुए राज्य की बागडोर संभाली। पिछले महीने नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और उन्हें यह आवास आवंटित किया गया। सीएम आवास की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार, अब इसे लोक सेवक आवास नाम दिया गया है।

मुख्यमंत्री आवास के दायरे को भी बढ़ाया

बता दें कि भवन निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री आवास के दायरे को बढ़ाते हुए 5, देशरत्न मार्ग स्थित बंगले को भी इसमें शामिल कर लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी फिलहाल 5, देशरत्न मार्ग वाले आवास में ही रह रहे हैं, जो उन्हें उपमुख्यमंत्री रहते हुए 2024 में आवंटित किया गया था। 1, अणे मार्ग वाले मुख्य आवास में अभी शिफ्ट नहीं हुए हैं।

नाम बदलने का मकसद

पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने 1 मई को सीएम हाउस खाली किया था। सूत्रों के मुताबिक, सम्राट चौधरी शुभ मुहूर्त देखकर यहां शिफ्ट होंगे। तब तक मुख्यमंत्री का आवासीय सचिवालय 5, देशरत्न मार्ग से ही संचालित हो रहा है। माना जा रहा है कि  जनता से सीधा जुड़ाव और लोक सेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से आवास का नाम लोक सेवक आवास रखा गया है। सम्राट चौधरी इस बदलाव के जरिए खुद को बिहार की जनता का सेवक बताना चाहते हैं।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 5 May 2026 at 21:21 IST