स्वाति मालीवाल कांड में विभव कुमार पर कसता जा रहा शिकंजा, फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

Swati Maliwal Case: स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट मामले में विभव कुमार ने जमानत याचिका दायर की है।

 
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स्वाति मालीवाल और विभव कुमार | Image: PTI/ANI

Swati Maliwal Case: स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट मामले में विभव कुमार ने जमानत याचिका दायर की है। इसके बाद विभव कुमार की जमानत अर्जी पर तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।

सोमवार को होगी सुनवाई

तीस हजारी कोर्ट ने मामले को सोमवार को सुनवाई के लिए लिस्ट किया है। दिल्ली पुलिस को विभव की जमानत अर्जी पर सोमवार तक अपना जवाब दाखिल करना है। आपको बता दें कि कोर्ट ने विभव कुमार को 4 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

विभव कुमार को 4 दिन की न्यायिक हिरासत

इससे पहले कोर्ट में विभव के वकील ने एक बार फिर इस केस में गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल खड़ा किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि अदालत के निर्देशों के अनुसार हमने परिवार के सदस्यों और वकील को विभव से मिलने की अनुमति दी थी।

विभव के वकील ने कहा कि न्यायिक हिरासत या पुलिस हिरासत दोनों ही आरोपी की स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं, किसी भी चीज की मांग उचित होनी चाहिए। विभव के वकील ने कहा कि न्यायिक हिरासत 14 दिन की होती है लेकिन पुलिस 4 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग कर रही है।

इससे पहले जानकारी मिली थी कि स्वाति मालीवाल से मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी विभव कुमार पुलिस के साथ जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। विभव ने पुलिस को अपने फोन का पासवर्ड तक नहीं बताया था। पुलिस ने विभव के घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को FSL की जांच के लिए भेजा था।

BJP उठा रही सवाल

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमले के बाद भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह सक्रिय है। एक महिला सांसद के साथ अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई कथित रूप से मारपीट के बाद बीजेपी लगातार आम आदमी पार्टी को घेर रही है।

बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली में AAP के अंदर का घटनाक्रम पार्टी का नहीं, मुख्यमंत्री के घर का है। 8 दिन के बाद कई सवाल उठते हैं। केजरीवाल वही नेता हैं, जो कहते थे कि 3 कमरे का घर चाहिए, कोई भी आकर मिल सकता है। इनकी कथनी करनी में बहुत अंतर है।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अपॉइंटमेंट की बात करते हैं। ये बोल रहे हैं कि अपॉइंटमेंट नहीं था, तो फिर सूची जारी करें। एक मुख्यमंत्री का पूरे दिन का शेड्यूल जारी होता है, जिसमें उनका मिनट टू मिनट प्रोग्राम होता है। केजरीवाल को उस दिन (13 मई) का शेड्यूल जारी करना चाहिए और बताना चाहिए कि आप उस दिन मुख्यमंत्री आवास में नहीं थे। या ये स्वीकार करें कि आप सीएम आवास में थे, लेकिन स्वाति मालीवाल से नहीं मिलना चाहते थे।

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Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 24 May 2024 at 17:46 IST