Angel Chakma Murder Case: एंजेल चकमा हत्याकांड में नया ट्विस्ट, पुलिस ने नस्लीय टिप्पणी से किया इनकार; कहा- कोई सबूत नहीं, जांच जारी
देहरादून में नार्थ ईस्ट के छात्र एंजेल चकमा की हत्याकांड पर SSP अजय सिंह ने चौकाने वाले खुलासे किए हैं। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की शुरुआती जांच में नस्लीय टिप्पणी का कोई सबूत सामने नहीं आया है।
उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र एंजेल चकमा की हत्या पर चौकाने वाले खुलासे हुए है। SSP देहरादून अजय सिंह ने साफ-साफ कह दिया कि इस मर्डर का नस्लीय टिप्पणी से कोई लेना देना नहीं है। देहरादून पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में नस्लीय कोण होने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी अब भी फरार है।
देहरादून में नार्थ ईस्ट छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले पर SSP देहरादून अजय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच प्रक्रिया का वह प्रारंभिक चरण है, जहां एक शिकायत आती है,उसे पर जो एलिगेशन लगते हैं,उसकी जांच की जाती है। जब शिकायत दर्ज कराई गई तो जांच शुरू की गई। अटेंप्ट टू मर्डर के सेक्शन को लगाया गया था। 5 आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार किया गया है।
नस्लीय टिप्पणी का कोई सबूत सामने नहीं -SSP
त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत पर SSP देहरादून अजय सिंह ने कहा, "शुरुआती जांच में इस मामले की पूछताछ में नस्लीय टिप्पणी का कोई सबूत सामने नहीं आया है। जांच अभी भी जारी है। मैं इन आरोपों को खारिज करता हूं (कि पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की) क्योंकि घटना की शिकायत 24 घंटे बाद दर्ज कराई गई थी। नेपाली मूल का एक आरोपी अभी भी फरार है, बाकी 5 आरोपियों (जिनमें एक मणिपुर का और एक बोक्सा समुदाय का है) को गिरफ्तार कर लिया गया है।"
परिवार ने पुलिस से शिकायत में क्या कहा?
जहां एक ओर मृतक का परिवार, पूर्वोत्तर के छात्र संगठन और कई राजनीतिक दल इसे 'हेट क्राइम' और 'नस्लीय हिंसा' का मामला बता रहे हैं, वहीं देहरादून पुलिस ने अपनी प्रारंभिक जांच में नस्लीय कोण होने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। SSP ने बताया कि शिकायत, एप्लीकेशन और FIR में भी यह सब चीज मेंशन नहीं है कि नस्लीय टिप्पणी की गई थी। ऐसी चीज 15 दिन बाद सामने आई है, तो इस पर भी इन्वेस्टिगेशन की जा रही है।
SSP ने बताया कि सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। एक दूसरे को यह जानते नहीं थे। पूछताछ में बताया कि हमला नहीं करना चाहते थे, लेकिन बहस बाजी हुई और गुस्सा आया उसके बाद अटैक कर दिया। उत्तराखंड में चकमा जो है नोटिफाई नहीं है। आरोपी भी नार्थईस्ट स्टेट से है। एक ही कास्ट से है।
हत्याकांड का मुख्य आरोपी फरार
अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। छठे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए देहरादून पुलिस जगह-जगह पर रेड कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह घटना नशे की हालत में हुई और आपसी विवाद का नतीजा थी, न कि किसी सोची-समझी नस्लीय साजिश का हिस्सा।
SSP के खुलासे से हत्याकांड में आया नया मोड़
एंजेल चकमा देहरादून के एक निजी विश्वविद्यालय में एमबीए फाइनल ईयर के छात्र थे और अपने छोटे भाई माइकल के साथ सेलाकुई में रहते थे। 9 दिसंबर, 2025 की शाम को नशे में धुत कुछ लड़कों के एक ग्रुप ने हमले में उन्हें सिर, गर्दन और रीढ़ पर गंभीर चोटें आईं, जिनके कारण 26 दिसंबर को अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने मामला हत्या का दर्ज कर धाराएं बढ़ा दीं। अब SSP के खुलासे से इस हत्याकांड ने नया मोड ले लिया।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 30 December 2025 at 14:47 IST