'सरकारें 4 महिला मंत्री 3, बहुत नाइंसाफी है...', राहुल गांधी और खड़गे खामोश क्यों, BJP ने कांग्रेस को घेरा, कहा- ये महिला प्रतिनिधित्व के विरोधी

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पर महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिन चार राज्यों हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में सत्ता में है, वहां की सरकारों में महिला मंत्रियों की संख्या बेहद शून्य है।

 
Follow :
'सरकारें 4 महिला मंत्री 3, बहुत नाइंसाफी है...', राहुल गांधी और खड़गे खामोश क्यों, BJP ने कांग्रेस को घेरा, कहा- ये महिला प्रतिनिधित्व के विरोधी | Image: ANI

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए उसके महिला सशक्तिकरण के दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जो पार्टी महिलाओं को राजनीति में उचित स्थान देने की बड़ी-बड़ी बातें करती है, उसकी अपनी सरकारों में महिलाओं की हिस्सेदारी न के बराबर है।

चार राज्यों की सरकारों में सिर्फ तीन महिला मंत्री

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस शासित और उसके सहयोग वाली सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा, 'हिमाचल प्रदेश में एक भी महिला मंत्री नहीं है, कर्नाटक में शून्य महिला मंत्री हैं, केरल में 2 महिला मंत्री हैं और तेलंगाना में दो महिला मंत्री थीं, जिनमें से एक को पद से हटा दिया गया है।'इसका सीधा अर्थ यह है कि चार राज्यों की सरकारों को मिलाकर अब केवल तीन महिला मंत्री ही बची हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस महिलाओं को नेतृत्व का अवसर देने में पूरी तरह विफल रही है।

राहुल गांधी और खड़गे की चुप्पी पर उठाए सवाल

भाजपा सांसद ने इस स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे इस राजनीतिक अन्याय पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की खामोशी हैरान करने वाली है। उन्होंने कहा, 'हमें अफसोस है कि इस अन्याय पर राहुल गांधी पूरी तरह चुप हैं और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौन साधे हुए हैं।' उन्होंने खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे उस पत्र का भी जिक्र किया जिसमें बिना परिसीमन के महिला आरक्षण बिल लागू करने की मांग की गई थी। त्रिवेदी ने कहा कि इस तरह के दोहरे रवैये से कांग्रेस की वास्तविकता उजागर होती है। वे मन, वचन और कर्म तीनों से ही राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का विरोध करते हैं।

राजनीति में विश्वसनीयता का संकट

सुधांशु त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि आज भारतीय राजनीति में विश्वसनीयता का सबसे बड़ा संकट नेताओं की 'कथनी और करनी' के बीच का अंतर है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने अपने शब्दों और कार्यों के इस अंतर को स्पष्ट रूप से जगजाहिर कर दिया है। जो पार्टी मंचों से महिलाओं के हक की बात करती है, वह धरातल पर उन्हें अधिकार देने से पीछे हट जाती है।

September 5, 2026
September 5, 2026

ये भी पढ़ें - Nepal Flash Flood Warning: नेपाल पर मंडराया नया खतरा... भूस्खलन से रुकी नदी, कभी भी आ सकती है तबाही

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 5 September 2026 at 14:53 IST