अपडेटेड 29 September 2025 at 17:41 IST
महिलाएं चांद के नीचे सोईं तो हो जाएंगी गर्भवती, इस देश के लोग ऐसा क्यों मानते थे? जानिए वजह
दुनिया में एक ऐसा देश है जहां के लोगों का मानना था कि अगर महिलाएं चांद के नीचे सोईं तो वो गर्भवती हो जाएंगी। बड़े-बुजुर्गों ने महिलाओं को चांद की रोशनी में सोने से मना किया हुआ था।
ग्रीनलैंड में महिलाओं को चांद की ओर सिर करके सोने की मनाही थी। वो चांद की तरफ पीठ करके सोती थी और अपनी नाभि पर थूक लगाती थी।
Image: Meta AIइसका कारण ये है कि ग्रीनलैंड के लोग चांद को एक शक्तिशाली देवता मानते थे। उन्हें लगता था कि चांद के पास ऐसी शक्ति है, जिससे चांद की रोशनी में सोने से महिलाएं उसके संपर्क में आ जाएंगी।
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ग्रीनलैंड में चांद को शिकार, मौसम और उर्वरता से जुड़ा देवता माना जाता था। सूरज को चांद की बहन या पत्नी के तौर पर मानते थे।
Image: Meta AIग्रीनलैंड के लोगों की कथाओं के अनुसार, चंद्रमा यानी अनिंगन ने अपनी बहन मलिना यानी सूर्य से छेड़छाड़ की थी। तब मलिना ने उसके चेहरे पर कालिख लगा दिया था।
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जब मलिना ने अपने भाई का चेहरा देखा तो वो गुस्से से उससे दूर भाग गई और सूरज बन गई। अनिंगन उसका पीछा करते-करते चांद बन गया।
Image: Meta AIबताया जाता है कि तब से सूरज और चांद कभी एक साथ नहीं आए। हालांकि, कभी-कभी अनिंगन मलिना के करीब पहुंचा, जिसे वो चंद्र ग्रहण के तौर पर देखते हैं।
Image: Meta AIPublished By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 29 September 2025 at 17:41 IST