'सालों का सब्र, रुकावटें और...', लड़के से लड़की बनी अनाया बांगर का फिर छलका दर्द, बोलीं- एहसास से लड़ना जायज

अनाया बांगर ने अपनी जेंडर ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा कि अपनी असल पहचान पाने के लिए उन्होंने सालों का सब्र रखा और रुकावटों का सामना किया, लेकिन आज वे अपने ही शरीर में सहज महसूस कर रही हैं।

अनाया बांगर का पोस्ट | Image: Instagram

Anaya Bangar Post: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर अक्सर किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहती हैं। लड़के से लड़की बनी अनाया अपनी जेंडर ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी के तमाम पहलुओं को लोगों के साथ शेयर करती रहती हैं। अब उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल और मोटिवेशनल पोस्ट शेयर की है।

अनाया ने जिम में वर्कआउट के दौरान एक मिरर सेल्फी पोस्ट की है, जिसमें गजब का कॉन्फिडेंस झलक रहा है। इस तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने अपने शरीर में आए बदलाव और आंतरिक शांति को बयां किया।

अनाया बांगर का इमोशनल पोस्ट

अनाया ने अपनी इस पोस्ट को एक बेहद खास कैप्शन दिया है। उन्होंने लिखा— "Gender Euphoria... इस एहसास के लिए लड़ना पूरी तरह से जायज था। ऐसे भी दिन थे जब मुझे शक होता था कि क्या मैं कभी अपने ही शरीर में सहज महसूस कर पाऊंगी। इसके लिए सालों का सब्र, मुश्किल बातचीत, रुकावटें और बार-बार डर के बजाय खुद को चुनना पड़ा।"

अनाया बांगर ने उन तमाम लोगों को हिम्मत देने की कोशिश की है, जो अपनी पहचान को लेकर किसी न किसी कशमकश से गुजर रहे हैं। उन्होंने लिखा, "अगर आप अभी ऐसी स्थिति में हैं जहां सब कुछ अनिश्चित लग रहा है, तो मुझे उम्मीद है कि आप जानते होंगे कि आपका सफर यहीं खत्म नहीं होता। खुद को समय, अपनापन और इजाजत दें जिससे आप वही बन सकें जो आप असल में हैं।"

उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा कि एक दिन, आप आईने में देखेंगे और महसूस करेंगे कि वे सभी मुश्किल दिन आपको यहीं तक ले आए थे। मैं वादा करती हूं, वह एहसास वाकई बहुत खास होता है।

'डॉक्टर्स के सामने उतारने पड़े थे कपड़े...'

अनाया बांगर ने थाईलैंड में अपनी जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाई थी। हाल ही में एक वीडियो शेयर कर उन्होंने उस दर्दनाक और असहज कर देने वाले अनुभव को बयां किया, जब सर्जरी के बाद कानूनी कागजात पर अपनी सही पहचान पाने के लिए 'ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट' के तहत आवेदन किया था। इस प्रक्रिया के दौरान, कई डॉक्टरों की मौजूदगी में जांच के लिए उन्हें अपने कपड़े तक उतारने पड़े थे।

अनाया ने यह भी साफ किया कि उन्होंने यह जांच अपनी मर्जी से करवाई थी, क्योंकि इसके बिना उन्हें वो कानूनी पहचान नहीं मिलती जिसके लिए उन्होंने इतना लंबा संघर्ष किया है और इतना दर्द झेला है।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 11 July 2026 at 13:41 IST