अपडेटेड 13 January 2026 at 19:09 IST
Harsha Richhariya: 'मैं बलात्कार नहीं कर रही, मां सीता नहीं हूं जो अग्निपरीक्षा...', हर्षा रिछारिया ने किया धर्म की राह छोड़ने का ऐलान
Harsha Richhariya Video: महाकुंभ 2025 से सुर्खियों में आईं इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया का एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने ऐलान किया है कि वो धर्म की राह छोड़ रही हैं।
Harsha Richhariya Video: महाकुंभ 2025 से सुर्खियों में आईं इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया का एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने ऐलान किया है कि वो धर्म की राह छोड़ रही हैं। उन्होंने वीडियो की शुरुआत में ही कह दिया कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 से शुरू हुई एक कहानी जो अब खत्म हो रही है या अब खत्म होने को है।
हर्षा रिछारिया धर्म पर आधारित कंटेंट बनाने से पहले एक मॉडल और एंकर थीं। उन्होंने अब अपना दुख साझा करते हुए दावा किया है कि कैसे पिछले एक साल में उन्हें काफी सारे विरोध का सामना करना पड़ा है।
हर्षा रिछारिया ने किया धर्म की राह छोड़ने का ऐलान
हर्षा ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रही हैं कि कैसे विरोध प्रयागराज से शुरू हुआ था, उन्हें लगा कि ये अब ठीक होगा, अब ठीक होगा लेकिन नहीं हुआ। उन्होंने साफ-सीधे शब्दों में पूछा- “मैं धर्म के रास्ते पर चलते हुए कर क्या रही थी? मैं कोई गलत काम नहीं कर रही, चोरी–चकारी नहीं कर रही, लूटपाट नहीं कर रही मैं, मैं बलात्कार नहीं कर रही थी। मैं जो भी धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए कर रही थी, उसे बार-बार रोका गया और मेरा मनोबल बार-बार तोड़ा गया”।
‘धर्म को धंधा बनाके करोड़ों रुपए छाप लिए…’
उन्होंने ट्रोल्स को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि जिन्हें लगता है कि "महाकुंभ से अभी तक मैंने धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों रुपए छाप लिए, तो बता दूं मैं आज बहुत उधारी में हूं। मैं पहले एंकरिंग कर रही थी, एक प्राउड एंकर थी। बहुत गर्व से बोलती हूं कि मैं प्रोफेशन में अच्छा कर रही थी और बहुत खुश थी। देश से ज्यादा विदेशों में काम करके अच्छा-खासा पैसा कमा रही थी, लेकिन यहां आने के बाद केवल उधारी के अलावा कुछ नहीं बचा। सबसे बड़ी बात कि किसी का साथ भी नहीं है"।
हर्षा ने कहा कि पिछले एक साल में उनकी हर कोशिश को रोका गया, विरोध जताया गया और ऐसा ही माघ मेला में भी हुआ जिससे वो बहुत हताश हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में विरोध करना काफी आसान हो गया है। अगर किसी महिला का मनोबल नहीं तोड़ पा रहे तो उसका चरित्र हनन कर दो जिससे वो टूटेगी ही।
'अपना धर्म अपने पास रखो'
हर्षा ने आगे वीडियो में कहा कि "भाई, अपना धर्म अपने पास रखो। मैं मां सीता नहीं जो मैं अग्नि परीक्षा दूंगी। एक साल से जितनी परीक्षाएं देनी थी, जो करना था, मैंने कर लिया, अब बहुत हुआ। इस मौनी अमावस्या पर माघ मेले में मैं स्नान करूंगी और उसके साथ जो धर्म पर चलने का संकल्प लिया था, उसे पूर्ण विराम दूंगी और वापस अपना पुराना काम करूंगी, जिसमें ना कोई विरोध था, ना ही चरित्र हनन और ना ही उधारी थी"।
उन्होंने अंत में कहा कि वो सभी युवाओं से यही कहेंगी कि सबसे बड़ा धर्म है अपनी फैमिली से जुड़के रहो, परिवार में रहो और अपने घर के मंदिर में पूजा करो। उनका इस धर्म से जाना सिर्फ जाना नहीं होगा, एक विद्रोही मानसिकता लेकर जाना होगा।
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 13 January 2026 at 19:09 IST