अपडेटेड 5 February 2026 at 14:03 IST

'कदम नहीं उठाए तो देर हो जाएगी', गाजियाबाद में 3 बहनों की मौत से भावुक हुए सोनू सूद, सरकार से कर दी बड़ी अपील- बैन लगाना जरूरी

सोनू सूद ने गाजियाबाद में तीन सगी बहनों के सुसाइड पर रिएक्ट किया है। उनका कहना है कि इंटरनेट की दुनिया बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। ऐसे में इसे समय रहते नियंत्रित करने की अत्यधिक आवश्यकता है।

Sonu Sood | Image: Instagram

Sonu Sood on Triple Murder Case: गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी मचा दी। इस खबर ने बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद का दिल कचौट दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये अभिभावकों और सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की है।

सोनू सूद का कहना है कि इंटरनेट की दुनिया बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। ऐसे में इसे समय रहते नियंत्रित करने की अत्यधिक आवश्यकता है।

बच्चियां हारी नहीं, अकेली पड़ी गईं- सोनू सूद

एक्टर ने एक्स पर वीडियो शेयर कर कहा, 'गाजियाबाद में तीन बच्चियों ने अपनी जान दे दी। ये बच्चियां हारी नहीं थीं, अकेली पड़ गई थीं। ऑनलाइन और सोशल मीडिया की दुनिया में हम अपने बच्चों को इतना आगे छोड़ आए हैं कि हमें चुप्पी सुनाई नहीं देती। अभी कुछ समय पहले ही मैंने गुहार लगाई थी कि 16 साल से कम उम्र के ज बच्चे हैं उन्हें ऑनलाइन और सोशल मीडिया कि जो गेमिंग की दुनिया है उन्हें उससे दूर रखें। लेकिन हम अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि हम ये भूल जाते हैं कि हमारे परिवार के अंदर एक और ऐसा सदस्य है जो सोशल मीडिया पर हम से ज्यादा समय बिताना चाहते हैं। अगर हम चाहते हैं कि उनकी जिंदगी, हमारी जिंदगी, उनका भविष्य और हमारे देश का भविष्य बेहतर हो, तो सबसे पहले बैन लगाना जरूरी है।'

बच्चों को स्क्रीन नहीं, हमारा साथ चाहिए- सूद

उन्होंने आगे कहा, 'उन्हें स्क्रीन नहीं हमारा साथ चाहिए। बच्चों को मोबाइल नहीं, हमारी मौजूदगी चाहिए। डांट नहीं हमारी बातचीत चाहिए। लेकिन उनके लिए हमारे पास भी कहां समय है। हमने उन्हें सोशल मीडिया से लैस मोबाइल फोन थमा दिया है, ताकि वो पढ़ते रहें, देखते रहें। पढ़ाई के लिए टेक्नॉलोजी जरूरी है, लेकिन सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए नहीं।'

'छोटे बच्चों के लिए बैन होना चाहिए सोशल मीडिया'

उन्होंने अपील करते हुए कहा, ‘सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन होना चाहिए। बचपन को गाइडेंस की जरूरत है, एल्गोरिदम की नहीं। देखभाल की, लगातार स्क्रीन की नहीं। यह दोष देने की बात नहीं है। यह सुरक्षा की बात है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। इसे एक और ऐसी हेडलाइन न बनने दें जिसे हम भूल जाएं। अब कार्रवाई करने का समय है।’

बता दें कि सोनू सूद पहले भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं। कुछ वक्त पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपने यहां कई प्लेटफॉर्मों को बच्चों के लिए पूरी तरह से बैन कर दिया था।

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 5 February 2026 at 14:03 IST