अपडेटेड 10 February 2026 at 16:23 IST
Ghooskhor Pandat Controversy: देशभर में बवाल के बाद मेकर्स का बड़ा फैसला, 'घूसखोर पंडत' का बदलेगा नाम, Netflix ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
Ghooskhor Pandat Row : दिल्ली हाई कोर्ट ने नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल पर याचिका निपटाई। याचिकाकर्ता ने ब्राह्मण समुदाय की छवि खराब होने का दावा किया था। नेटफ्लिक्स ने टाइटल बदलने और पुराने प्रमोशनल सामग्री हटाने का आश्वासन दिया।
Ghooskhor Pandat Controversy : दिल्ली हाई कोर्ट ने Netflix की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल को लेकर दायर याचिका पर निपटारा कर दिया है। Netflix ने कोर्ट को बताया कि वे फिल्म का शीर्षक बदलेंगे और सारा प्रमोशनल कंटेंट सोशल मीडिया से हटा दिया गया है।
फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि फिल्म का मूल टाइटल "घूसखोर पंडत" ब्राह्मण समुदाय की छवि को खराब करता है, क्योंकि यह "पंडत" शब्द को रिश्वतखोरी से जोड़ता है। इससे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचती है और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होता है। याचिका में फिल्म की रिलीज और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
फिल्म का बदला जाएगा टाइटल
याचिका की सुनवाई के दौरान नेटफ्लिक्स ने कोर्ट को बताया कि विवाद को देखते हुए फिल्म के निर्माताओं ने टाइटल बदलने का फैसला लिया है। नया टाइटल फिल्म की कहानी और मकसद को बेहतर तरीके से दर्शाएगा। साथ ही, सभी पुराने प्रमोशनल मटीरियल, टीजर, पोस्टर और सोशल मीडिया से जुड़ी सामग्री पहले ही हटा दी गई है।
फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं
नेटफ्लिक्स की तरफ से दिए गए इस आश्वासन के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका पर अब किसी अतिरिक्त आदेश की जरूरत नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से भी संतुष्टि जताई गई, जिसके बाद कोर्ट ने मामले को डिस्पोज कर दिया। फिल्म की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगी।
मनोज बाजपेयी की आने वाली इस फिल्म की कहानी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की है, जो अपनी गलतियों से सीखते हुए सुधार की यात्रा पर निकलता है। निर्देशक नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यह पूरी तरह काल्पनिक कहानी है और किसी समुदाय पर टिप्पणी नहीं करती। मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर बयान दिया कि वे लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और फिल्म किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है।
यह विवाद फिल्म के टीजर रिलीज होने के बाद शुरू हुआ था, जब "नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स 2026" इवेंट में इसका ऐलान हुआ। ब्राह्मण संगठनों, मायावती समेत कई राजनीतिक नेताओं और आम लोगों ने आपत्ति जताई। उत्तर प्रदेश में भी FIR दर्ज हुई थी। टाइटल बदलने से विवाद शांत होने की उम्मीद है, हालांकि नया नाम अभी घोषित नहीं किया गया है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 10 February 2026 at 16:23 IST