'गजिनी' फेम प्रदीप रावत का 74 वर्ष की उम्र में निधन, सोनू सूद समेत कई बॉलीवुड हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

हिंदी सिनेमा से लेकर साउथ इंडस्ट्री तक अपनी खलनायकी और मजबूत अदाकारी से अमिट छाप छोड़ने वाले दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके एक करीबी दोस्त ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। 'गजनी' में उनके मुख्य खलनायक के किरदार और 'लगान' में 'देवा' की यादगार भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।

'गजिनी' फेम प्रदीप रावत का 74 वर्ष की उम्र में निधन | Image: X

भारतीय सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। 'लगान', 'गजनी', 'इंसाफ' और हालिया फिल्म 'छावा' में अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे फिल्म उद्योग और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।

यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर शेयर की जानकारी

'गजनी' फेम एक्टर के निधन की जानकारी शेयर करते हुए यशपाल शर्मा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, 'प्रदीप रावत... हमारे गजनी और लगान के देवा, रेस्ट इन पीस।' हालांकि, यशपाल ने अभिनेता के निधन का कारण शेयर नहीं किया है। उनके इस पोस्ट से प्रदीप रावत के चाहने वाले काफी टूट गए हैं और सोशल मीडिया पर एक्टर को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

अभिनेता सोनू सूद ने भी जताया शोक

अभिनेता सोनू सूद ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि ' भगवान आपकी आत्मा को शांति दे प्रदीप भाई... आप बहुत याद आओगे।'

फैंस ने सोशल मीडिया पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

अभिनेता के निधन की खबर आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के शोक संदेशों का तांता लग गया। लोग उनके आइकॉनिक किरदारों को याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि 'यह वाकई दिल तोड़ने वाली खबर है। क्या वह किसी बीमारी से जूझ रहे थे?'दूसरे यूजर ने कहा कि 'बीआर चोपड़ा की 'महाभारत' में अश्वत्थामा, 'लगान' का देवा सिंह सोडी और 'गजनी' का विलेन ये सभी किरदार हमारे फेवरेट रहे हैं। रेस्ट इन पीस सर।'एक अन्य फैन ने लिखा कि 'बेहद दुखद समाचार भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।'

हिंदी से लेकर साउथ सिनेमा तक यादगार रहा सफर

प्रदीप रावत का अभिनय करियर बेहद समृद्ध और विविधतापूर्ण रहा। उन्होंने हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। उन्होंने 1985 में डिंपल कपाड़िया के साथ फिल्म 'ऐतबार' से करियर की शुरुआत की। इसके बाद 'मेरी जंग', 'आप के साथ', 'समुंदर', 'काश', 'इंसाफ' और 'मर मिटेंगे' जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया। साल 2004 में उन्होंने 'स्ये' से तेलुगु सिनेमा में कदम रखा और इसके बाद 'भद्र' और 'जगपति' जैसी फिल्मों से छा गए। हिंदी में उनकी आखिरी उपस्थिति विक्की कौशल की फिल्म 'छावा' में 'येसाजी कनक' के रूप में रही। तेलुगु में उनकी अंतिम रिलीज फिल्म 'गायापद्दा सिम्हाम' (2026) थी।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 4 August 2026 at 23:06 IST