अपडेटेड 2 February 2026 at 11:47 IST
Amaal Mallik के लिए ‘सरनेम’ बना मुसीबत! काम से निकाल देते थे लोग, 10 साल की मेहनत के बाद मिली पहचान
Amaal Mallik: मशहूर संगीतकार-सिंगर और ‘बिग बॉस 19’ फेम अमाल मलिक ने हाल ही में खुलासा किया है कि कैसे म्यूजिक इंडस्ट्री में फैमिली बैकग्राउंड होने के बाद भी उन्हें अपनी पहचान बनाने में 10 सालों से ज्यादा का समय लगा।
Amaal Mallik: मशहूर संगीतकार-सिंगर और ‘बिग बॉस 19’ फेम अमाल मलिक के लिए करियर के इस मुकाम तक आना बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि कैसे म्यूजिक इंडस्ट्री में फैमिली बैकग्राउंड होने के बाद भी उन्हें अपनी पहचान बनाने में 10 सालों से ज्यादा का समय लगा।
उन्हें ‘चले आना’, ‘कर गई चुल’, ‘हुआ है आज पहली बार’ जैसे गाने बनाने के लिए जाना जाता है जिन्हें दर्शकों से काफी प्यार मिला है। अब अमाल मलिक का कहना है कि उनके लिए सारा खेल उनके सरनेम ने बिगाड़ा क्योंकि ये सुनकर लोग उन्हें काम से निकाल देते थे।
अमाल मलिक ने 15 साल की उम्र से शुरू किया संघर्ष
कंपोजर अमाल मलिक ने हाल ही में पिंकविला से बातचीत में अपने करियर के शुरुआती दिनों और चुनौतियों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि “15 साल की उम्र से 25 तक जो मैंने 10 सालों में देखा था, आमतौर पर लोग इसे अलग तरह से देखते हैं, लेकिन मेरे लिए वह सब बहुत अच्छा था क्योंकि वो सब संघर्ष, सारी मुश्किलें, सारी रुकावटें मेरी जिंदगी के शुरुआती दौर में ही आईं।”
उन्होंने आगे कहा कि कैसे उन्होंने 15 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था कि वो असिस्टेंट बन सकें या रनर ही बन जाएं। अमाल के मुताबिक, ‘मैं फिल्मों के पोस्ट प्रोडक्शन के लिए हार्ड डिस्क ले जाता था या कोई भी ऐसा काम करने लगता था जिससे थोड़ी-बहुत कमाई हो सके, क्योंकि एक बेटे के रूप में मुझे वह करना ही पड़ता था’।
अमाल मलिक के लिए सरनेम बना मुसीबत?
‘बिग बॉस 19’ के एक्स-कंटेस्टेंट अमाल ने खुलकर बताया कि कैसे लोग उनके परिवार के बारे में पता चलते ही उन्हें नौकरी से निकाल देते थे। उन्होंने कहा, “कहीं मुझे असिस्टेंट की नौकरी मिलती थी, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चलता कि मेरा सरनेम मलिक है, वे मुझे नौकरी से निकाल देते थे कि अरे, यह इस परिवार से है और कहीं हमारा म्यूजिक न बेच दे, ऐसी ही एक सोच थी। तो यह सब मेरे और मेरे भाई (अरमान मलिक) के खिलाफ गया। ऐसा नहीं था कि नाम था तो सबकुछ थाली पर सजाकर मिल गया।”
Published By : Sakshi Bansal
पब्लिश्ड 2 February 2026 at 11:47 IST