जिस फाल्टा सीट पर TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने छोड़ा मैदान, वहां हुई बंपर वोटिंग, 86% से ज्यादा मतदान; किसकी होगी जीत?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा चुनाव का मतदान शाम 6 बजे समाप्त हो गया। मतदान केंद्रों को सील कर दिया गया और EVM मशीनों को मजबूत कक्ष में पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इस बार 86 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
Falta re-election: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की 144-फाल्टा विधानसभा सीट में 29 अप्रैल, 2026 को दूसरे चरण के मतदान के दौरान गंभीर चुनावी गड़बड़ियों और अनियमितताएं हुई थीं। जिसके बाद चुनाव आयोग (ECI) ने पूरे क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया।
गुरुवार को हुए पुनर्मतदान में फाल्टा की जनता ने दिल खोलकर मतदान किया। मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद चुनावी तैयारियां अब अगले चरण में पहुंच गई हैं। आज शाम 6 बजे मतदान समाप्त होते ही मतदान केंद्रों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
जिला प्रशासन और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान के दौरान 86 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह आंकड़ा मतदान केंद्र बंद होने के बाद जारी किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
EVM मशीनों को मतगणना स्थल के मजबूत कक्ष तक पहुंचाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान पूरे रास्ते में तैनात हैं। मशीनों को सील बंद डिब्बों में रखकर विशेष वाहनों से ले जाया जा रहा है। हर वाहन पर GPS ट्रैकिंग और पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पूरे क्षेत्र में मतदान समाप्ति के बाद कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी अनहोनी घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई है।
मतदाताओं का उत्साह
स्थानीय लोगों में इस चुनाव को लेकर काफी उत्साह देखा गया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 86% से अधिक मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत है कि फाल्टा के मतदाता लोकतंत्र की इस प्रक्रिया में पूरी तरह सक्रिय रहे। अब सभी की नजरें मतगणना की तारीख पर टिकी हैं।
फाल्टा में क्यों रद्द हुआ था चुनाव?
वोटिंग के दौरान कई बूथों पर BJP उम्मीदवार के नाम और प्रतीक के सामने वाले बटन पर टेप लगाने की शिकायतें आईं। कई बूथों की वेब कैमरा फुटेज घंटों तक गायब या छेड़छाड़ वाली पाई गई। BJP समर्थकों और उनके परिवारों को धमकाने के आरोप लगे। खासकर TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी सहयोगियों पर आरोप लगे। अनधिकृत लोगों का बार-बार बूथ में प्रवेश हुआ और प्रॉक्सी वोटिंग भी हुई। स्पेशल ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने शुरू में 30 बूथों पर री-पोल की सिफारिश की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान का फैसला लिया ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 21 May 2026 at 19:46 IST