दिल्ली विधानसभा चुनाव: बुजुर्गों ने भी किया उत्साह के साथ मतदान

Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा के लिए बुधवार को जारी मतदान में कई बुजुर्ग मतदाता अपने परिवार के सदस्यों या पुलिसकर्मियों के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचे।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव में बुजुर्गों ने उत्साह के साथ मतदान किया. | Image: PTI

Delhi Elections: दिल्ली विधानसभा के लिए बुधवार को जारी मतदान में कई बुजुर्ग मतदाता अपने परिवार के सदस्यों या पुलिसकर्मियों के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व्हीलचेयर पर बैठे अपने बुजुर्ग माता-पिता को मतदान केंद्र तक ले गए। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे माता-पिता बीमार हैं, लेकिन वे सुबह से ही वोट डालने के लिए उत्साहित थे। उन्होंने वोट डालने के लिए पूरा प्रयास किया।’’

आसिफ (83) और उनकी 80 वर्षीय पत्नी मस्रा असंद अपने पोते के साथ शाहीन बाग के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे। व्हीलचेयर पर बैठे दंपति ने दूसरों को भी वोट डालने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई रोजी-रोटी के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है, लेकिन सड़कें और सफाई व्यवस्था चिंता के विषय हैं। इन मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा हम किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।’’

जाफराबाद के 91 वर्षीय शौकत अली क्या बोले?

उत्तर-पूर्व दिल्ली में जाफराबाद के 91 वर्षीय निवासी शौकत अली बुजुर्गों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं चाहते हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी हालत में हैं। इलाज के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। अपने संपर्कों (सिफारिश) का इस्तेमाल करने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि आम आदमी अपनी बारी का इंतजार करता रहता है।’’

कालकाजी में 85 वर्षीय राम प्यारी ने वोट डाला

कालकाजी में 85 वर्षीय राम प्यारी को उनकी 62 वर्षीय बेटी रीना मतदान केंद्र तक ले गईं। रीना ने कहा, ‘‘मेरी मां हमेशा मतदान को लेकर उत्साहित रहती हैं। मंगलवार को वह मेरी पोती को चुनाव प्रक्रिया समझा रही थीं, जो कक्षा आठ में पढ़ती है। हर बार की तरह हम एक साथ मतदान करने आए।’’ दिल्ली की समस्याओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कें बहुत खराब हैं और उनकी हालत और खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘चाहे कुछ भी हो, हम मतदान अवश्य करेंगे। कूड़े को साफ करना जरूरी है, अगर घर से बाहर निकलते ही हमें खुली नालियों और कचरे के ढेर से गुजरना पड़े तो साफ-सुथरे घर का कोई मतलब नहीं है।’’

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Published By : Dalchand Kumar

पब्लिश्ड 5 February 2025 at 16:41 IST