बीजेपी की आंधी में उड़ गए केजरीवाल और सिसोदिया जैसे विरोधी, फिर भी दिल्ली चुनाव में नहीं जीत पाए मोदी के ये दिग्गज नेता
रमेश बिधूड़ी को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कालकाजी सीट से चुनाव लड़ा था, जहां रमेश बिधूड़ी का मुकाबला दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के साथ था।
Delhi Election Results: दिल्ली में बीजेपी की आंधी के सामने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे आम आदमी पार्टी के टॉप लीडर्स नहीं टिक पाए हैं। 8 फरवरी को दिल्ली में जनता का फैसला आया, जिनके बीजेपी को सत्ता में बैठने का मौका दिया है। 27 साल में भारतीय जनता पार्टी के लिए ये घड़ी आई है। हालांकि दिलचस्प ये है कि बीजेपी की दिल्ली में प्रचंड जीत के बावजूद कुछ दिग्गज लीडर्स अपनी छाप नहीं छोड़ पाए हैं।
भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में 70 में से 48 विधानसभा सीटें मिली हैं। इससे स्पष्ट है कि 22 सीटों पर बीजेपी को हार का मुंह भी देखना पड़ा है। इन्हीं सीटों में से कुछ पर बीजेपी के कुछ बड़े चेहरे अपनी जीत सुनिश्चित करने में कामयाब नहीं हुए हैं।
बीजेपी के कौन-कौन दिग्गज नेता चुनाव हारे?
रमेश बिधूड़ी: दिल्ली में बीजेपी के दिग्गज नेताओं में गिने जाने वाले रमेश बिधूड़ी को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कालकाजी सीट से चुनाव लड़ा था, जहां रमेश बिधूड़ी का मुकाबला दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के साथ था। 3521 वोटों के अंतर से रमेश बिधूड़ी को आतिशी के हाथों हार मिली है।
दुष्यंत गौतम: दिल्ली में व्यावसायिक महत्व रखने वाले करोल बाग से सतीश गौतम ने चुनाव लड़ा है। हालांकि आम आदमी पार्टी के विशेष रवि ने बीजेपी के दुष्यंत गौतम को 7430 मतों के अंतर से हराया है।
सतीश जैन: जनसंघ के समय से जुड़े सतीश जैन चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में हार गए हैं। सतीश जैन बीजेपी के गठन के बाद से ही पार्टी के सदस्य हैं। हालांकि चांदनी चौक सीट से 16572 वोटों से उन्हें आम आदमी पार्टी के पुनरदीप सिंह के हाथों हार मिली है।
राजकुमार आनंद: दिल्ली में चुनावों से पहले राजकुमार आनंद ने दल बदला था। दिल्ली में मंत्री रह चुके राजकुमार आनंद ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी और बदले में पटेल नगर सीट से टिकट मिला था। हालांकि यहां बीजेपी प्रत्याशी राजकुमार आनंद को हार का सामना करना पड़ा।
अनिल कुमार वशिष्ठ: बीजेपी ने अनिल कुमार वशिष्ट को बाबरपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया था। ये बीजेपी के ऐसे नेता हैं, जिनके खिलाफ Zero आपराधिक रिकॉर्ड है। फिर भी बाबरपुर की जनता को वो अच्छे नहीं लगे हैं। 18994 वोटों से अनिल कुमार वशिष्ठ को आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने हराया है।
दिल्ली में 27 साल बाद कमल खिला
दिल्ली में 27 साल के बाद भारतीय जनता पार्टी का कमल खिला है। जनता की अदालत में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बेईमान साबित हो गए हैं। दिल्ली में चुनावों से पहले खुद को कट्टर ईमानदार बताने वाले केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने जनता की अदालत में जाने का ऐलान किया था। हालांकि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी के झाड़ू को तिनके-तिनके की तरह बिखेर दिया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में बीजेपी ने 70 विधानसभा सीटों में से 48 सीटों पर जीत हासिल की है और आम आदमी पार्टी 62 सीटों से घटकर 22 पर आ गई है। यहां कांग्रेस को लगातार तीसरी बार जनता ने नकारा है, जिसे चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली है।
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 9 February 2025 at 12:01 IST