'इस्तीफा नहीं दूंगी, चाहे वे मुझे बर्खास्त कर दें, मैं चाहती हूं काला दिन...',बंगाल में शपथ ग्रहण से पहले ममता ने खड़ा किया बड़ा बखेड़ा
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रही है। 15 साल के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई है। इस बीच ममता बनर्जी ने अलग बखेड़ा खड़ा कर दिया है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रही है। 15 साल के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई है। इस बीच ममता बनर्जी ने अलग बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने चुनावी हार के बाद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। बुधवार को उन्होंने टीएमसी के नए चुने गए विधायकों के साथ बैठक में कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने पार्टी बैठक में साफ तौर पर अपने इरादे जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें मुझे निकालने दो, मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। मैं चाहती हूं कि यह काला दिन हो।
ममता बनर्जी के तेवर बता रहे हैं कि बंगाल की राजनीति में छिड़ा घमासान फिलहाल थमने वाला नहीं है। हालांकि भाजपा ने 9 मई को शपथ ग्रहण का एलान कर दिया है। बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद से ममता बनर्जी का आक्रामक रुख लगातार बरकरार है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने विधायक दल की बैठक में कहा कि मुझे बर्खास्त करने दो, मैं चाहती हूं कि यह काला दिन हो। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों से कहा कि विधानसभा के पहले दिन सभी TMC विधायक काले कपड़े पहने।
BJP पर लगाए चुनाव में धांधली के आरोप
ममता ने पार्टी के नव निर्वाचित विधायकों की अपने कालीघाट स्थित घर पर बैठक बुलाई थी, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। इसी बैठक में उन्होंने हालिया पश्चिम बंगाल चुनाव के जनादेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का अपना इरादा जाहिर किया। इस घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। ममता ने BJP पर चुनावी धांधली के गंभीर आरोप भी लगाए और कहा कि BJP ने धांधली कर और सीट चोरी कर राज्य में 200 से ज्यादा सीटों की जबरदस्त बहुमत हासिल की है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने के आरोप लगाए।
ममता के इस्तीफा ना देने की बात को बीजेपी ने बताया असंवैधानिक
भाजपा प्रवक्ता के के शर्मा ने कहा कि, ममता बनर्जी लोकतंत्र की भावना का सम्मान करें और जनता का फैसला स्वीकार करें। उनका यह रवैया अराजकता है। उन्होंने कहा कि, अगर ममता इस्तीफा नहीं देंगी तो संवैधानिक संस्थाओं का उल्लंघन होगा। मगर उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए कि जब से वो चुनाव हारी हैं वो मुख्यमंत्री के पद पर हैं हीं नहीं और राज्यपाल के पास उन्हें बर्खास्त करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है।
उन्होंने ममता के इस कदम को संवैधानिक विद्रोह करार दिया। उन्होंने कहा कि, जो लोग संविधान हाथ में लेकर घूम रहे थे आज वही संविधान का मजाक उड़ा रहे हैं। शर्मा ने टीएमसी पर 'पीड़ित कार्ड' खेलने और पोस्ट-पोल तनाव फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता का राजभवन न जाना और इस्तीफा न देना लोकतंत्र की परंपराओं के खिलाफ है। बीजेपी ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' का झूठा आरोप बताते हुए ममता और राहुल दोनों पर पलटवार किया है।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ऐसे बयान दे रही हैं, ताकि राज्य में अशांति फैले और वहां सामुदायिक तनाव उत्पन्न जैसी स्थिति हो। भाजपा ने ये भी आरोप लगाया कि "जब टीएमसी हार गई है तब उनके कार्यकर्ता झूठ फैला रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर रहे हैं। ऐसे में ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि आज टीएमसी चुनाव जीतती तो राज्य में क्या हालात होते।"
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 6 May 2026 at 23:47 IST