बंगाल चुनाव में 'खेला' होवे! 30 साल बाद विधानसभा चुनाव लडे़ंगे अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस ने इस सीट से ही क्यों दिया टिकट? आ गई लिस्ट
West Bengal Polls 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। दिलचस्प है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
West Bengal Polls 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने पहली लिस्ट में कुल 284 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। दिलचस्प है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके अधीर रंजन चौधरी को 30 साल बाद विधानसभा चुनाव के लिए बहरामपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
X पोस्ट में शेयर की प्रत्याशियों की लिस्ट
कांग्रेस पार्टी ने रविवार (29 मार्च, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 284 सीटों पर अपनी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इससे पहले कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के चयन को लेकर शनिवार को विस्तृत चर्चा की थी। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल और पश्चिम बंगाल के नेता शामिल हुए।
भवानीपुर सीट पर कड़ा मुकाबला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर सीट पर प्रदीप प्रसाद को उतारकर कांग्रेस ने कड़ा मुकाबला पेश करने की कोशिश की है। जबकि पूर्व सांसद मौसम नूर मालतीपुर से चुनाव लड़ेंगी। राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद कांग्रेस ने मौसम नूर पर भरोसा जताते हुए उन्हें पश्चिम बंगाल की मालतीपुर सीट से विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है।
इसके अलावा दार्जिलिंग से माधव राय, सुजापुर से अब्दुल हन्नान, दमदम से सुष्मिता बिस्वास, डायमंड हार्बर से गौतम भट्टाचार्य, आसनसोल दक्षिण से सौविक मुखर्जी और आसनसोल उत्तर से प्रसेनजीत पुइतांडी को भी मैदान में उतारा है।
अधीर रंजन को बहरामपुर सीट से ही क्यों दिया टिकट?
कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर (पश्चिम बंगाल) सीट से टिकट दिया है। क्योंकि बहरामपुर अधीर रंजन चौधरी का अभेद्य किला माना जाता रहा है। वह यहां से 1999 से लगातार पांच बार सांसद रहे हैं। क्षेत्र में उन्हें 'बोरदा' (बड़े भाई) के रूप में जाना जाता है और उनकी छवि एक 'रॉबिनहुड' नेता की रही है, जो हर समुदाय में लोकप्रिय रहे हैं।
साथ ही अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल में TMC के बड़े आलोचकों में से एक हैं। कांग्रेस ने चौधरी को उनके गढ़ से उतारकर अपनी एक सीट लगभग कंफर्म कर ली है। साथ ही यह संदेश दिया है कि वे राज्य में अपनी प्रासंगिकता बचाए रखने के लिए ममता बनर्जी की पार्टी के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं।
(Note: यह एक ब्रेकिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी के साथ अपडेट हो रही है)
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 29 March 2026 at 19:35 IST