पनीर 50 रुपए, घी 40 रुपए और चॉकलेट 6 रुपए सस्‍ता...आज से GST 2.0 लागू; जानिए दही, दही, बटर और घी कितना सस्ता?

देश में 22 सितंबर से जीएसटी 2.0 लागू हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए दूध, ब्रेड, पनीर, मक्खन, तेल, साबुन, शैंपू और बच्चों की पढ़ाई के सामान पर जीएसटी घटा दिया है। 

पनीर 50 रुपए, घी 40 रुपए और चॉकलेट 6 रुपए सस्‍ता...आज से GST 2.0 लागू; जानिए दही, बटर और घी कितना सस्ता? | Image: PIxabay

देश में 22 सितंबर से जीएसटी 2.0 लागू हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए दूध, ब्रेड, पनीर, मक्खन, तेल, साबुन, शैंपू और बच्चों की पढ़ाई के सामान पर जीएसटी घटा दिया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को "बचत उत्सव" करार देते हुए कहा कि इससे गरीब और मिडिल क्लास परिवारों दोनों के पैसे बचेंगे। तो आइए जानते हैं किस प्रोडक्ट पर कितना कम हुआ दाम।

डेयरी प्रोडक्ट्स में राहत

  • UHT दूध पर 5% जीएसटी हटाकर शून्य कर दिया गया, 1 लीटर पैक अब 75 रुपये में मिलेगा, जो पहले 77 रुपये था।
  • पनीर पर 12% टैक्स खत्म, 200 ग्राम का पैक अब 80 रुपये में मिलेगा, पहले कीमत 90 रुपये थी।
  • 500 ग्राम मक्खन की कीमत 305 रुपये से घटकर 285 रुपये हो गई।
  • घी पर कर 12% से घटाकर 5% किया गया, अमूल का 1 लीटर घी अब 610 रुपये में मिलेगा, जो पहले 650 रुपये था।

फूड और स्नैक्स

  • ब्रेड और पिज्जा को जीएसटी मुक्त कर दिया गया है, ब्रेड का पैक अब 19 रुपये में मिलेगा, पहले 20 रुपये था।
  • पास्ता, नूडल्स, कॉर्न फ्लेक्स पर टैक्स 12-18% से घटाकर 5% किया गया।
  • बिस्कुट और नमकीन पर भी टैक्स 5% कर दिया गया है।

पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स

  • तेल, शैंपू और साबुन पर पहले 18% जीएसटी लगता था, जिसे घटाकर 5% कर दिया गया। 
  • अब 100 रुपये का शैंपू पैक 118 रुपये के बजाय 105 रुपये में मिलेगा।

मिठाई और चॉकलेट

  • चॉकलेट अब 50 रुपये की जगह 44 रुपये में मिलेगी।
  • 400 रुपये प्रति किलो लड्डू पर टैक्स 72 रुपये की जगह अब केवल 20 रुपये होगा।

बच्चों की पढ़ाई के सामान

  • नोटबुक, पेंसिल, रबर, ग्लोब, प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक और प्रयोगशाला की नोटबुक पर जीएसटी पूरी तरह समाप्त।

इस बड़े सुधार के बाद सरकार का दावा है कि अब करीब 99% रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे। त्योहारों से पहले यह कदम आम आदमी की जेब पर से दबाव कम करने और उनके खर्चों में बचत बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 22 September 2025 at 11:50 IST