अपडेटेड 29 January 2026 at 22:10 IST
Budget 2026: स्टैंडर्ड डिडक्शन और 80D में बढ़े छूट की सीमा... नौकरीपेशा वालों को बजट से ये उम्मीदें, वित्त मंत्री निर्मला करेंगी पूरी?
Budget 2026: मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों को इस बार भी सरकार से टैक्स में और राहत मिलने की उम्मीदें हैं। खासतौर पर लोग टैक्स स्लैब में बदलाव, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और बचत पर ज्यादा छूट की उम्मीद कर रहे हैं।
Budget 2026: रविवार (1 फरवरी) को पूरे देश की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए जाने वाले बजट पर टिकी होंगी। सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। हर बार की तरह इस साल भी आम आदमी से लेकर किसान, नौकरीपेशा तक बजट से सभी वर्ग के लोगों को कई उम्मीदें हैं। सैलरीड क्लास को उम्मीद है कि इस बजट में उनकी जेब पर बोझ कम करने वाली घोषणाएं होंगी।
पिछले बजटों में मिली कुछ राहतों के बाद, अब लोग और बड़े बदलावों की अपेक्षा कर रहे हैं, जैसे इनकम टैक्स स्लैब्स में संशोधन, स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाना और निवेश से जुड़ी छूटों में वृद्धि। आइए जानते हैं कि इस बार के बजट से नौकरीपेशा लोगों की कौन-सी उम्मीदें हैं।
दरअसल, महंगाई के समय आम आदमी की जेब पर बोझ लगातार बढ़ रहा है। रोजमर्रा की चीजें महंगी हो चुकी हैं। ऐसे में मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों को इस बार भी सरकार से टैक्स में और राहत मिलने की उम्मीदें हैं, जिसकी संभावनाएं तो कम हैं। फिर भी खासतौर पर लोग टैक्स स्लैब में बदलाव, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और बचत पर ज्यादा छूट की उम्मीद कर रहे हैं।
नए टैक्स रिजीम में और डिडक्शन शामिल करने की मांग
NPS, हेल्थ इंश्योरेंस (सेक्शन 80D) और होम लोन इंटरेस्ट जैसी कुछ महत्वपूर्ण डिडक्शन को नए रिजीम में जोड़ने की लंबे समय से मांग है। अगर ऐसा होता है तो पुराने रिजीम की जगह नया रिजीम चुनना ज्यादा फायदेमंद बनेगा, खासकर मिडिल क्लास के लिए जो इन छूटों का इस्तेमाल करते हैं।
स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की मांग
इस बार नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी मांग बेसिक टैक्स-एक्सेम्प्शन लिमिट बढ़ाने की है। स्टैंडर्ड डिडक्शन को मौजूदा 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा किया जाए, जिससे लोगों को राहत मिले।
30% स्लैब की लिमिट बढ़ाना
न्यू टैक्स स्लैब के हिसाब से सालाना 24 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत का टैक्स लगता है। इसे भी बढ़ाने की मांग हो रही है। 24 लाख आय की सीमा को बढ़ाकर 30 लाख करने की मांग उठ रही है। देश का एक वर्ग ऐसा है जो इस श्रेणी में शामिल हो रहा है।
सेक्शन 80C और 80D जैसी डिडक्शन लिमिट में बढ़ोतरी
सेक्शन 80C (PPF, ELSS, LIC आदि) की मौजूदा 1.5 लाख रुपये की लिमिट को बढ़ाकर 2 लाख रुपये या ज्यादा करने की उम्मीद की जा रही है। साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस (80D) की लिमिट में भी सुधार की मांग है। इससे सैलरीड लोग ज्यादा सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट कर पाएंगे, टैक्स बचत बढ़ेगी और लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल सिक्योरिटी मजबूत होगी।
TDS सिस्टम को और सरल बनाने की संभावना
बजट 2026 में TDS व्यवस्था को सरल और आसान बनाने की काफी उम्मीद जताई जा रही है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार के लेन-देन (जैसे सैलरी, इंटरेस्ट, रेंट, प्रोफेशनल फीस, प्रॉपर्टी ट्रांसफर आदि) पर अलग-अलग TDS दरें लागू हैं, जिसकी वजह से कंप्लायंस काफी जटिल हो गया है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 19:59 IST