अपडेटेड 29 January 2026 at 19:23 IST

Budget 2026: हलवा सेरेमनी के साथ ही आम बजट की तैयारी अंतिम दौर में, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला करेंगी पेश, जानिए क्या है ये परंपरा

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 की तैयारी के अंतिम चरण के प्रतीक हलवा समारोह में भाग लिया और इसे बाद अधिकारी लॉक इन पीरियड में चले जाते हैं। जो बजट की गोपनीयता को सुनिश्चित करता है।

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Budget 2026 | Image: ANI

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पारंपरिक हलवा समारोह में भाग लिया। यह 1 फरवरी को लोकसभा में पेश किए जाने वाले आम बजट 2026-27 की तैयारी के अंतिम चरण का प्रतीक है। हलवा समारोह रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित किया गया। यह वित्त मंत्रालय का पुराना पता है। आपको बता दें, हलवा समारोह केंद्र सरकार के बजट की तैयारी में शामिल वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग रखने की प्रक्रिया है। यानी कि वह बाहर की दुनिया से वे पूरी तरह अलग तरह होते हैं। 

ये अधिकारियों और कर्मचारी संसद में बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ही रहते हैं। जहां सारी चीजें गोपनीय रखी जाती है। वित्त मंत्री के लोकसभा में अपना बजट भाषण पूरा करने के बाद ही बाहर आते हैं।  

बजट से पहले होने वाला सालाना समारोह होता है। इसमें पारंपरिक हलवा तैयार किया जाता है। उसके बाद यह उन अधिकारियों और कर्मचारियों को परोसा जाता है, जो बजट तैयार करने के काम में शामिल होते हैं।

हलवा सेरेमनी किसका प्रतीक है? 

हलवा सेरेमनी को बजट की छपाई की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस बार भी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इस खास मौके पर खुद अधिकारियों और कर्मचारियों को हलवा बांटा। हलवा केवल मिठाई का प्रतीक नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए समर्पण का प्रतीक है, जो कड़ी मेहनत और सम्मान के साथ  बजट  बनाने में दिन-रात लगे रहते हैं।

हलवा सेरेमनी क‍िसका प्रतीक?

हलवा सेरेमनी को 'बजट की छपाई की शुरुआत' का प्रतीक माना जाता है। इस बार भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस खास मौके पर खुद अधिकारियों और कर्मचारियों को हलवा बांटा। यह हलवा सिर्फ एक मिठाई नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के समर्पण और कड़ी मेहनत का सम्मान है जो बजट बनाने में दिन-रात जुटे रहते हैं। इस रस्म के बाद बजट से जुड़े सभी अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहेंगे। किसी भी बाहरी व्यक्ति से संपर्क नहीं रख पाएंगे।

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कब से शुरू हुई थी हलवा सेरेमनी की रस्म? 

पहले, बजट दस्तावेजों की छपाई नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में बने प्रिंटिंग प्रेस में होती थी, जो करीब चार दशकों से चल रहा था। लेकिन, 2020 से केंद्रीय बजट पूरी तरह से डिजिटल हो गया है। अब बहुत कम ही कागजी दस्तावेज छापे जाते हैं। बजट की जानकारी मुख्य रूप से सरकार की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए बांटी जाती है। इस डिजिटल बदलाव के कारण 'लॉक-इन पीरियड' भी दो हफ्तों से घटकर सिर्फ 8 दिन का रह गया है। यह पूरी तरह गोपनीय रहती है। 

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 29 January 2026 at 19:23 IST