'जो कभी सपना लगता था, वो आज...', भारत के चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने पर आनंद महिंद्रा का पोस्ट VIRAL, बताया अगला टारगेट क्या?
दिग्गज कारोबारी आनंद महिंद्रा अपने कॉलेज के दिनों को याद करते नजर आए। उन्होंने कहा था उस समय भारत का जापान को पीछे छोड़ना नाममुकिन लगता था। पोस्ट में आनंद महिंद्रा ने कहा कि देश की यह उपलब्धि छोटी नहीं है।
Anand Mahindra on India Becomes 4th Largest Economy: भारत ने आर्थिक जगत में एक और बड़ी छलांग लगाई है। जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अब हमसे आगे केवल तीन देश (अमेरिका, चीन और जर्मनी) है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जहां पूरा देश गदगद है। हर्ष गोयनका और आनंद महिंद्रा जैसे उद्योगपतियों ने भी खुशी जताई।
भारत की इस उपलब्धि पर देशवासियों को बधाई देते हुए आनंद महिंद्रा ने एक पोस्ट किया, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। पोस्ट में दिग्गज कारोबारी आनंद महिंद्रा अपने कॉलेज के दिनों को याद करते नजर आए। उन्होंने कहा था उस समय भारत का जापान को पीछे छोड़ना नाममुकिन लगता था। पोस्ट में आनंद महिंद्रा ने कहा कि देश की यह उपलब्धि छोटी नहीं है।
जापान को भारत ने छोड़ दिया पीछे
24 मई को नीति आयोग की बैठक के बाद CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने IMF के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब जापान से भी बड़ी हो गई है। भारत की कुल अर्थव्यवस्था का आकार 4,000 अरब डॉलर (4 ट्रिलियन डॉलर) हो चुका है।
आनंद महिंद्रा को क्यों याद आए कॉलेज के दिन?
देश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए रिएक्शन दिया। उन्होंने लिखा, "जब मैं बिजनेस स्कूल में था, तो भारत का GDP में जापान से आगे निकल जाना एक दूर की कौड़ी या यूं कहें नाममुकिन सी बात लगती थी। आज वह मील का पत्थर अब सैद्धांतिक नहीं रह गया है... हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। जापान लंबे समय से एक आर्थिक महाशक्ति रहा है, जिसकी उत्पादकता और लचीलापन असाधारण है। हमने जो हासिल किया है, वह लाखों भारतीयों की महत्वाकांक्षा और सरलता का प्रमाण है, चाहे वो किसी भी सेक्टर, उम्र या फिर जगह से जुड़े हों।
हालांकि आनंद महिंद्रा ने यह भी कहा कि हमें अभी रुकना नहीं है और न ही इससे संतुष्ट होना है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का अगला टारगेट क्या होना चाहिए।
बताया अब हमारा अगला कदम क्या होना चाहिए?
कारोबारी ने पोस्ट में आगे लिखा कि आज हम जब इस उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं, तो हमें असंतुष्ट रहना चाहिए। क्योंकि भारत की अगली छलांग प्रति व्यक्ति जीडीपी (Per Capita GDP) में होनी चाहिए, न सिर्फ जर्मनी से आगे निकलने में। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते रहने के लिए भारत को लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्यूफैक्चरिंग, एजुकेशन से लेकर आर्थिक सुधारों की जरूरत है।
जर्मनी को पीछे छोड़ कब बनेगा तीसरी बड़ी अर्थव्यस्था?
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के मामले में अब भारत के आगे सिर्फ तीन ही देश हैं। बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अब कब तक हम जर्मनी को पीछे छोड़ देंगे और तीसरे नंंबर पर पहुंचेंगे? नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने इस पर बड़ा बयान देते हुए कहा था कि अगर इसी रफ्तार से हम आगे बढ़े और अपनी योजना पर कायम रह, तो अगले ढाई से तीन साल में जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होंगे।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 26 May 2025 at 11:15 IST