US-Iran War: जंग में पर्दे के पीछे ईरान की मदद कर रहा रूस? सऊदी एयर बेस हमले को लेकर जेलेंस्की का बड़ा दावा, कहा- 100% यकीन...
US Iran War News: सऊदी अरब में अमेरिकी एयर बेस पर ईरान के हमले को लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का बड़ा बयान आया है। उन्होंने दावा किया कि हमले से पहले रूस ने तीन बार उस बेस की सैटेलाइट तस्वीरें लीं और खुफिया जानकारी ईरान के साथ साझा की।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि रूस, ईरान की मदद कर रहा है। जेलेंस्की के अनुसार, सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयर बेस (प्रिंस सुल्तान एयर बेस) पर ईरान के हमले से पहले रूस ने तीन बार इसकी सैटेलाइट तस्वीरें लीं। उन्होंने यह जानकारी ईरान के साथ साझा करने की बात कही।
ईरान ने सऊदी अरब के अल-खारज स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इस हमले में कम से कम 10-15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए और कई अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान क्षतिग्रस्त हो गए।
'रूस ने तीन बार सैटेलाइट तस्वीरें ली'
एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी खुफिया जानकारी के अनुसार, ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी एयर बेस पर हमला करने से कुछ दिन पहले, रूस ने उस जगह की तीन बार सैटेलाइट तस्वीरें ली थीं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें 100% यकीन है कि रूस मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना को निशाना बनाने में मदद करने के लिए खुफिया जानकारी ईरान के साथ साझा कर रहा है।
उन्होंने बताया कि रूसी सैटेलाइट ने 20 मार्च, 23 मार्च और 25 मार्च को सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तस्वीरें ली। इसके बाद 26 मार्च को ईरान ने यहां पर हमला कर दिया।
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ईरान की मदद से रूस को फायदा- जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि मुझे लगता है कि ईरान की मदद करना रूस के फायदे में है। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि अगर वे एक बार तस्वीरें ले रहे हैं तो वे तैयारी कर रहे हैं। दूसरी बार तस्वीरें लेते हैं तो यह एक तरह का अभ्यास है और अगर उन्होंने तीसरी बार ऐसा किया तो इसका मतलब है कि वो एक या दो दिन में हमला करेंगे। हालांकि सैटेलाइट तस्वीरों के दावों का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं दिया और न ही यह बताया कि कीव को इसकी जानकारी कैसे मिली।
जेलेंस्की ने आगे कहा कि ईरान और रूस के बीच कई सालों से गहरे संबंध रहे हैं। रूस लगातार ईरान को हथियार और सैन्य उपकरण मुहैया कराता रहा है। उनका मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक युद्ध जारी रखना चाहते हैं, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं और रूस को ज्यादा फायदा होता है।