Perfume Capital: किस शहर को कहा जाता है 'परफ्यूम कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड'? पूरी दुनिया में महकता है इस जगह का नाम, जानें क्या है वजह
Perfume Capital Of The World: खुशबू का हमारी जिंदगी में एक बहुत खास रोल होता है। बता दें कि पूरी दुनिया में एक ऐसा शहर है जिसे 'परफ्यूम कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' कहा जाता है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Which City Is Called As Perfume Capital Of The World: खुशबूदार चीजें हम सभी को बेहद पसंद होती है। एक अच्छी खुशबू न सिर्फ हमारा मूड फ्रेश कर देती है, बल्कि हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। आप और हम हर दिन डियो या परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे बेहतरीन और महंगे परफ्यूम कहां बनते हैं?
पूरी दुनिया में एक ऐसा शहर है जिसे 'परफ्यूम कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' कहा जाता है। तो चलिए जानते हैं इस अनोखे शहर के बारे में और समझते हैं कि आखिर पूरी दुनिया में इसी शहर का नाम क्यों महकता है।
कौन सा है ये शहर?
दुनिया की 'परफ्यूम कैपिटल' का खिताब यूरोप के देश फ्रांस के एक छोटे और बेहद खूबसूरत शहर को मिला है, जिसका नाम है ग्रास। यह शहर फ्रांस के मशहूर 'फ्रेंच रिवेरा' इलाके की पहाड़ियों पर बसा हुआ है।
ग्रास ही क्यों है परफ्यूम की राजधानी?
इस शहर के इत्र की राजधानी बनने की कहानी बहुत ही दिलचस्प है।
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बदबू से शुरू हुआ खुशबू का सफर!
आपको जानकर शायद हैरानी हो कि आज से लगभग 400 साल पहले यानी 16वीं सदी में ग्रास शहर परफ्यूम के लिए नहीं, बल्कि चमड़े के व्यापार के लिए मशहूर था। यहां चमड़े के दस्ताने और बेल्ट बनते थे। लेकिन चमड़े को साफ करने के प्रोसेस में पूरे शहर में बहुत भयंकर बदबू फैल जाती थी।
इस बदबू से बचने और चमड़े के दस्तानों को खुशबूदार बनाने के लिए, यहां के लोगों ने दस्तानों पर गुलाब और चमेली का इत्र लगाना शुरू किया। खुशबूदार दस्तानों का यह आईडिया फ्रांस के राजा-रानियों और अमीरों को इतना पसंद आया कि धीरे-धीरे ग्रास ने चमड़े का काम छोड़कर पूरी तरह से इत्र बनाने का काम शुरू कर दिया।
फूलों की खेती के लिए जादुई मौसम
एक अच्छा परफ्यूम तभी बन सकता है जब उसमें इस्तेमाल होने वाले फूल बेहतरीन क्वालिटी के हों। ग्रास शहर का मौसम, यहाँ की धूप और मिट्टी फूलों की खेती के लिए एकदम 'परफेक्ट' है। यहां खास तौर पर चमेली, मई का गुलाब, लैवेंडर और ट्यूबरोज जैसे फूलों की खेती होती है। इनकी खुशबू इतनी तेज और शुद्ध होती है कि दुनिया के कहीं और के फूलों में वो बात नहीं मिलती।
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दुनिया के सबसे महंगे परफ्यूम का घर
ग्रास के फूलों से ही तैयार किया जाता है। दुनिया के तमाम बड़े लग्जरी ब्रांड्स अपने परफ्यूम के लिए इसी शहर के फूलों और कारीगरों पर निर्भर हैं। ग्रास में, आदर्श जलवायु के कारण चमेली, गुलाब, लैवेंडर और संतरे के फूल बड़ी मात्रा में खिलते हैं। ये फूल इत्र बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और दुनिया के कुछ सबसे शानदार और मशहूर इत्रों के लिए बेहतरीन आधार तैयार करते हैं।
सदियों पुराना अनुभव और खास तकनीक
ग्रास में परफ्यूम बनाने का काम कोई आज का नहीं है, बल्कि यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी चला आ रहा है। यहां के कारीगरों को यह अच्छे से पता है कि किस फूल को सुबह के किस वक्त तोड़ना है ताकि उसकी खुशबू सबसे ज्यादा मिले। फूल से खुशबू निकालने की उनकी पारंपरिक तकनीक इतनी खास है कि साल 2018 में यूनेस्को (UNESCO) ने इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' का दर्जा दे दिया।
पर्यटकों के लिए एक स्वर्ग
आज के समय में ग्रास शहर सिर्फ एक इंडस्ट्रियल इलाका नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ा टूरिस्ट स्पॉट भी बन चुका है। यहां 'फ्रेगोनार्ड' और 'मोलिनार्ड' जैसी सदियों पुरानी परफ्यूम फैक्ट्रियां हैं। हर साल लाखों लोग यहाँ यह देखने आते हैं कि परफ्यूम कैसे बनता है। दिलचस्प बात यह है कि टूरिस्ट यहां आकर अपनी पसंद के फूलों की खुशबू मिलाकर अपना खुद का पर्सनल परफ्यूम भी बना सकते हैं।