US Iran Ceasefire: ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद भारत की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी, तेल-गैस के अलावा ये चीजें हो सकती हैं सस्ती
US Iran Ceasefire Impact: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच 40 दिनों बाद राहत की खबर आई है। दोनों देशों के 2 हफ्ते के युद्ध विराम से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 17% तक गिर गई हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US Iran Ceasefire: पिछले डेढ़ महीने से ईरान और अमेरिका के बीच जिस तरह का तनाव बना हुआ था, उसने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी थी। हर तरफ महंगाई और सप्लाई रुकने का डर था। लेकिन अब दोनों देशों ने दो हफ्तों के लिए युद्ध रोकने का जो फैसला लिया है, उसने बाजार में नई जान फूंक दी है।
इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 13 से 17 फीसदी तक की बड़ी गिरावट देखी गई है। यह गिरावट भारत जैसे देशों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से ही खरीदते हैं।
सीजफायर होने से ईंधन की सप्लाई बढ़ेगी
इस पूरे विवाद में 'होमुर्ज स्ट्रेट' (Hormuz Strait) नाम का समुद्री रास्ता सबसे महत्वपूर्ण है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और LPG सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ईरान के साथ तनाव की वजह से इस रूट पर जहाजों की आवाजाही को लेकर खतरा बना हुआ था, जिससे कीमतें आसमान छू रही थीं। अब सीजफायर होने से सप्लाई दोबारा सुचारू होने की उम्मीद है। जब सप्लाई बढ़ेगी, तो स्वाभाविक है कि ऊर्जा और ईंधन की कीमतें नीचे आएंगी, जिसका सीधा फायदा आपकी और हमारी जेब को मिलेगा।
क्या आपके शहर में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
भारत के आम नागरिक के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गाड़ी में तेल डलवाना सस्ता होगा? जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह कम रहे, तो अगले 7 से 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है। हालांकि, भारत में तेल कंपनियां टैक्स और अपने पुराने नुकसान को देखकर ही दाम कम करती हैं, फिर भी कीमतों में कटौती की प्रबल संभावना बनी हुई है।
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सप्लाई चेन में सुधार से कम होगी लागत
सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, बल्कि रसोई गैस यानी LPG के दाम भी कम हो सकते हैं। सप्लाई चेन में सुधार होने से आयात की लागत कम होगी, जिससे घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर सस्ते हो सकते हैं। अगर कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटते हैं, तो इसका सीधा फायदा आपको होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में मिलेगा, जहां खाने-पीने की चीजें सस्ती हो सकती हैं। इसके अलावा, डीजल सस्ता होने से ट्रकों का किराया कम होगा, जिससे मंडियों में सब्जियां, फल, दालें और अनाज के दाम भी कम होने की उम्मीद है।
मोबाइल, लैपटॉप और हवाई सफर भी सस्ता
महंगाई से राहत की यह लिस्ट काफी लंबी है। कच्चे तेल का असर केवल ईंधन पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और प्लास्टिक पर भी पड़ता है। आने वाले दिनों में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसी चीजें सस्ती हो सकती हैं क्योंकि इनकी मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक कॉस्ट कम हो जाएगी। साथ ही, हवाई जहाज का ईंधन (ATF) सस्ता होने से एयरलाइंस टिकटों के दाम भी घटा सकती हैं। हालांकि, इन सबका पूरा फायदा हमें तभी मिलेगा जब यह सीजफायर अस्थायी न रहकर स्थायी शांति में बदल जाए।