फेसबुक पोस्ट के कारण महिला ने गंवाई थी नौकरी, अब यूनिवर्सिटी करेगी इतने करोड़ की भरपाई
बॉल स्टेट यूनिवर्सिटी ने चार्ली किर्क की हत्या पर फेसबुक पोस्ट करने के कारण नौकरी से निकाली गई प्रोफेसर सुजैन स्वीर्क को 2.25 लाख डॉलर का मुआवजा देने पर सहमति जताई है। ACLU की मदद से लड़े गए मुकदमे में यूनिवर्सिटी ने फ्री स्पीच का हवाला मानते हुए समझौता किया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका के इंडियाना राज्य की एक महिला ने कंजर्वेटिव नेता चार्ली किर्क की हत्या के बाद अपनी फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। चार्ली कर्क की हत्या के बाद उनकी आलोचना करने वाली फेसबुक पोस्ट के कारण यूनिवर्सिटी से नौकरी गंवा दी थी, जो अब यूनिवर्सिटी को बहुत भारी पड़ गया है।
अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ महिला ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। अब यूनिवर्सिटी ने उनके केस को सुलझाने के लिए 2,25,000 डॉलर (लगभग 1.93 करोड़ रुपये) का मुआवजा देने पर सहमति जताई है।
इंडियाना की बॉल स्टेट यूनिवर्सिटी (Ball State University) ने अपनी पूर्व कर्मचारी सुजैन स्वियरक (Suzanne Swierc) के साथ लगभग 1.9 करोड़ रुपये का सेटलमेंट कर लिया है। स्वियरक ने सितंबर 2025 में चार्ली किर्क की हत्या पर अपनी निजी फेसबुक पोस्ट के कारण नौकरी गवानी पड़ी थी।
क्या था मामला?
सुजैन स्वियरक, यूनिवर्सिटी में हेल्थ प्रमोशन एंड एडवोकेसी की डायरेक्टर थीं। चार्ली किर्क की 10 सितंबर, 2025 को यूटा विश्वविद्यालय परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्वियरक ने अपनी फेसबुक पोस्ट में किर्क की मौत को ट्रेजेडी बताया, लेकिन साथ ही कहा कि यह उनकी बोई गई हिंसा, डर और नफरत का परिणाम है। उन्होंने आगे लिखा, “अगर आप चार्ली किर्क को शानदार व्यक्ति मानते हैं तो हम दोस्त नहीं रह सकते।”
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सुजैन की पोस्ट प्राइवेट थी, लेकिन किसी ने स्क्रीनशॉट लेकर इसे वायरल कर दिया। इसके बाद यूनिवर्सिटी को भारी मात्रा में गुस्से भरे फोन, ईमेल और धमकियां मिलीं। कुछ लोगों ने दान रोकने और बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी दी। यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट जियोफ्री मीयर्न्स (Geoffrey Mearns) ने इसे स्वियरक को तुरंत नौकरी से हटा दिया था।
ACLU की लड़ाई और सेटलमेंट
अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) ने स्वियरक की ओर से मुकदमा दायर किया। ACLU का तर्क था कि स्वियरक निजी नागरिक के रूप में सार्वजनिक मुद्दे पर अपनी राय दे रही थीं, इसलिए फर्स्ट अमेंडमेंट के तहत उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन हुआ।
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सेटलमेंट में यूनिवर्सिटी ने बिना किसी गलती स्वीकार किए 2,25,000 डॉलर देने पर सहमति जताई। सेटलमेंट में स्वियरक के पूर्व सहकर्मियों से अच्छे रेफरेंस देने का भी प्रावधान है।
यूनिवर्सिटी प्रेसिडेंट का बचाव
प्रेसिडेंट मीयर्न्स ने कहा कि पोस्ट से यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा, छात्र नामांकन और फंडरेजिंग को नुकसान पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि मुकदमा लड़ने की तुलना में यह राशि कम थी, इसलिए सेटलमेंट किया गया।