White House Shooting: रेकी की, व्हाइट हाउस पहुंचा, बंदूक निकाली और...कौन था नासिर जिसकी गोलियों से कांप उठे ट्रंप? खुद को मानता था 'यीशु'
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नासिर बेस्ट पहले से सीक्रेट सर्विस के रिकॉर्ड में था। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 26 जून 2025 को उसने एजेंट्स को रोककर कथित धमकियां दी थीं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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White House shooting Scare: अमेरिकी सत्ता के सबसे सुरक्षित केंद्र, व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार शाम (भारतीय समय के अनुसार रविवार तड़के) उस समय हड़कंप मच गया जब एक 21 वर्षीय बंदूकधारी ने परिसर के पश्चिमी हिस्से (West Side) के पास पहुंचकर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। जिस वक्त गोलीबारी हुई उस वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप परिसर में ही मौजूद थे और जरूरी मीटिंग कर रहे थे।
फायरिंग की आवाज सुनकर सीक्रेट सर्विस के एजेंट तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे इलाके को घेर लिया। सीक्रेट सर्विस के साथ मुठभेड़ में एक हमलावर की मौत हो गई, वहीं दूसरा जख्मी हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच व्हाइट हाउस पर हमले करने वाले शख्स की तस्वीर आई सामने आई है।
हमलावर की पहचान नासिर बेस्ट के तौर पर हुई और उसकी उम्र 21 साल बताई जा रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने नासिर बेस्ट को मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान व्यक्ति बताया है. वहीं, अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, 21 साल का यह हमलावर गंभीर मानसिक भ्रम का शिकार था और खुद को 'यीशु' (Jesus Christ) मानता था।
पहले भी सीक्रेट सर्विस को धमकी दे चुका है नासिर बेस्ट
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अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नसीरे बेस्ट पहले से सीक्रेट सर्विस के रिकॉर्ड में था। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक 26 जून 2025 को उसने एजेंट्स को रोककर कथित धमकियां दी थीं। 10 जुलाई 2025 को वह प्रतिबंधित इलाके में घुसने के आरोप में पकड़ा गया था। उस पर पहले व्हाइट हाउस से दूर रहने का कोर्ट आदेश भी था। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक उसके हमले के पीछे की मंशा पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
बैग से निकली बंदूक और दनादन झोंक दी 30 गोलियां
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संदिग्ध अचानक गेट के बेहद करीब पहुंच गया। उसने अपने बैग से हैंडगन निकाली और चेकपॉइंट पर मौजूद अधिकारियों की तरफ निशाना साधते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मौके पर मौजूद NBC न्यूज की संवाददाता जूली त्सिरकिन के अनुसार, देखते ही देखते वहां 20 से 30 राउंड गोलियां चलीं। गोलीबारी की तेज आवाजों से पूरा इलाका दहल उठा और परिसर में मौजूद पत्रकारों को तुरंत प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर शरण लेने के लिए कहा गया।
एक महीने में दूसरा हमला
यह घटना 25 अप्रैल को होटल डिनर के दौरान ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले के प्रयास के ठीक एक महीने बाद हुई है, जिसने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
एफबीआई (FBI) के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया पर बताया कि घटना के पीछे की गहरी साजिश और सुरक्षा चूक की तकनीकी जांच के लिए संघीय एजेंटों को तैनात कर दिया गया है।