Iran-US Talks: क्या थी अमेरिकी की वो बड़ी शर्तें, जिसे ईरान ने मानने से किया इनकार? वार्ता फेल होते ही इस्लामाबाद से खाली हाथ US लौटे जेडी वेंस
इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल होने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर अमेरिका ने ईरान के सामने ऐसी क्या शर्तें रखी जिससे पूरा खेल ही बिगड़ गया। आईए जानतें है अमेरिका की शर्तों के बारे में...
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही अहम शांति वार्ता बेनतीजा रही। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। ईरान ने अमेरिका की दी गई शर्तों को ठुकरा दिया है, जिसके बाद अमेरिकी और ईरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल वापस लौट गए। अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिरी अमेरिकी की क्या थी वो बड़ी शर्तें जिसे मानने से ईरान ने साफ इनकार कर दिया?
शांति वार्ता विफल होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेंडी वेंस ने कहा, 'हम 21 घंटे से शांति वार्ता पर पर काम कर रहे थे। ईरानियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं, लेकिन unfortunately हम किसी एग्रीमेंट पर नहीं पहुंच पाए। यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। उन्होंने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया है।'
शांति वार्ता फेल होने पर क्या बोले जेडी वेंस?
US-ईरान शांति वार्ता पर US वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने कहा, " हम ऐसी परिस्थिति में नहीं पहुंच पाए हैं, जहां ईरानी हमारी शर्तें मानने को तैयार हों। मुझे लगता है कि हम काफी फ्लेक्सिबल थे, हम काफी एडजस्टिंग थे। राष्ट्रपति ने हमसे कहा - आपको अच्छी नीयत से यहां आना होगा और डील करने की पूरी कोशिश करनी होगी। हमने वही किया। बदकिस्मती से हम कोई प्रगति नहीं कर पाए।"
अमेरिका की इन शर्तें बनी वार्ता विफल होन की वजह
- ईरान का यूरेनियम संवर्धन और परमाणु कार्यक्रम- अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बंद करवाना चाहता है, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया।
- होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग- अमेरिकी ने 28 फरवरी से पहले वाली स्थिति को होर्मुज में बहाल करने की मांग रखी।
- लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल का सैन्य अभियान- इस मुद्दे पर भी दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी।
ईरान ने आगे की बातचीत पर क्या कहा?
मीडिया रिपोर्टस की मानें तो होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान पूरी तरह से अपना कब्जा चाहता है, लेकिन अमेरिका ने साफ कह दिया है कि ये इंटरनेशनल रास्ता है। इस पर ईरान का कब्जा नहीं हो सकता है। अमेरिका की ओर से इसे पूरी तरह से खोलने की मांग की गई। शांति वार्ता असफल होने के बाद ईरान ने लगे हाथ ये भी साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ अगले दौर की वार्ता की फिलहाल कोई योजना नहीं है।