60 दिन की डेडलाइन खत्म, अब तक नहीं हुआ समझौता, फिर क्यों ट्रंप की टीम बोली- ईरान के साथ युद्ध में नहीं अमेरिका? समझिए खेल

Iran US News: ट्रंप प्रशासन ने 2 मार्च को ईरान पर कार्रवाई की सूचना कांग्रेस को दी थी। 60 दिन की समयसीमा 1 मई को खत्म हो गई है। इस बीच अब ट्रंप की टीम का दावा है कि अमेरिका, ईरान के साथ युद्ध में नहीं है।

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ईरान जंग को लेकर ट्रंप की टीम का बड़ा दावा | Image: Republic

Iran US News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। सीजफायर के बाद अब वे युद्ध समाप्त होने की बात कह रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि अमेरिका, ईरान के साथ "युद्ध में नहीं है।" यह दावा युद्ध शुरू हुए 60 दिनों की डेडलाइन खत्म होने के बाद किया गया है। ऐसे में इसे कांग्रेस से औपचारिक मंजूरी लेने की जरूरत से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

1 मई तक की समय-सीमा

अमेरिकी वॉर पावर्स रेजोल्यूशन के अनुसार, राष्ट्रपति को किसी भी सैन्य अभियान शुरू करने के 60 दिन के अंदर कांग्रेस से औपचारिक मंजूरी लेनी अनिवार्य है, वरना उसे तुरंत कार्रवाई रोकनी पड़ती है। बिना संसद की अनुमति के राष्ट्रपति सेना का इस्तेमाल सिर्फ 60 दिन तक ही कर सकते हैं। 2 मार्च को ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की सूचना कांग्रेस को दे दी थी, इसलिए युद्ध को जारी रखने के लिए 1 मई तक उन्हें संसद से मंजूरी लेना जरूरी था।

सीजफायर को युद्ध का अंत बता रही टीम

ट्रंप सरकार की ओर से मंजूरी के लिए प्रस्ताव पेश करने से मना कर दिया गया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि अभी कोई सक्रिय युद्ध नहीं चल रहा है। न तो बमबारी हो रही है और न ही फायरिंग, बल्कि अमेरिका की ओर से शांति की कोशिश की जा रही है। जॉनसन ने कहा है कि ईरान के साथ हुए सीजफायर के चलते 60 दिन की डेडलाइन रुक गई है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि इस पर आखिरी फैसला व्हाइट हाउस द्वारा ही लिया जाएगा।

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डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता सहमत नहीं

हालांकि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस दावे से सहमत नहीं हैं कि युद्धविराम लगने से 60 दिन की समय-सीमा सीजफायर से अपने आप रुक जाएगी। सीनेटर टिम केन ने साफ कहा कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान मौजूद नहीं है। अब यह डेडलाइन समाप्त होने वाली है, जिससे कानूनी विवाद खड़ा हो सकता है।

युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को तब हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, वरिष्ठ कमांडर और नागरिक मारे गए।

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मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल तो दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू है। ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजफायर तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रस्ताव पेश नहीं हो जाता और दोनों पक्षों के बीच चर्चाएं पूरी नहीं होतीं।

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Published By :
Ruchi Mehra
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