Iran US War: ईरान ने अमेरिका के छुड़ाएं पसीने? होर्मुज नाकेबंदी के बीच आखिर ट्रंप के नौसेना अधिकारी का क्यों गिरा विकेट
राष्ट्रपति ट्रंप की टीम से एक और विकेट गिर गया है। पेंटागन ने नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन के इस्तीफे का ऐलान किया है। ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच ये फैसला ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान किया है। पेंटागन ने नौसेना सचिव जॉन फेलन के अचानक इस्तीफे की जानकारी दी है। नोसैना के इस शीर्ष अधिकारी के अचानक पद छोड़ने की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस फैसले को लेकर अलग-अलग दावा किया जा रहा है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में किसी सैन्य सेवा के प्रमुख के जाने का यह पहला मामला है।
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बुधवार शाम को कहा कि फेलन तुरंत प्रभाव से अपना पद छोड़ रहे हैं। यह एक चौंकाने वाली घोषणा थी, जो ऐसे समय में आई जब US नेवी ईरान युद्ध में संघर्ष विराम के दौरान ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ट्रंप से बात की थी और कहा था कि फेलन को या तो इस्तीफा देना होगा या उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
जॉन फेलन के इस्तीफे पर सवाल?
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक,डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ के साथ जहाज बनाने के सुधारों को लागू करने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके करीबी रिश्तों को लेकर चल रहे तनाव के बीच यह कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप और सेक्रेटरी हेगसेथ इस बात पर सहमत थे कि नेवी में नए नेतृत्व की जरूरत है। हालांकि उनके जाने की ऑफिशियल वजह साफ नहीं बताई गई है, लेकिन इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस्तीफे की वजह पता नहीं
पेंटागन प्रवक्ता पार्नेल ने X पर एक पोस्ट में कहा, "डिफेंस सेक्रेटरी और डिप्टी डिफेंस सेक्रेटरी की ओर से, हम सेक्रेटरी फेलन के विभाग और US नेवी के प्रति उनकी सेवाओं के लिए आभारी हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। अंडरसेक्रेटरी हंग काओ नेवी के कार्यवाहक सेक्रेटरी बनेंगे।"
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जॉन के नियुक्ति पर उठे थे सवाल
बता दें कि जॉन फेलन को 2024 में राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर नियुक्त किया था, खास बात यह है कि फेलन का सैन्य अनुभव नहीं था, जिससे उनकी नियुक्ति शुरू से ही चर्चा में रही। उन्हें एक ऐसे बाहरी शख्स के तौर पर देखा जा रहा था, जिसे नेवी में बदलाव लाने के लिए लाया गया था। मगर उनके इस्तीफे की घोषणा अपने समय को लेकर विशेष रूप से चौंकाने वाली थी, क्योंकि नेवी होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरानी जहाजों को गुज़रने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ईरान युद्ध के बीच ट्रंप को झटका
अब तक, US सेना ने 31 जहाजों को वापस बंदरगाह लौटने के लिए निर्देशित किया है और दो जहाजों पर चढ़कर उनकी तलाशी भी ली है। नेवी के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट में तैनात हैं या उस तरफ बढ़ रहे हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अगर सीजफीयर खत्म हो जाता है, तो सभी सशस्त्र बल ईरान के खिलाफ फिर लड़ाई शुरू करने के लिए तैयार है।
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कई सूत्रों ने CNN को बताया कि फेलन और हेगसेथ के बीच महीनों से तनाव चल रहा था। हेगसेथ का मानना था कि फेलन जहाज बनाने के सुधारों को लागू करने में बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहे थे, और उन्हें फेलन के ट्रंप के साथ सीधे संवाद करने पर भी नाराजगी थी, जिसे हेगसेथ ने उन्हें (हेगसेथ को) दरकिनार करने की कोशिश के रूप में देखा।