'डिजिटल साइन हो गया है, एनरिज्ड यूरेनियम स्टॉक को खत्म करने के लिए ईरान अगर एक्शन लेगा तो...', जेडी वेंस ने बताया डील की क्या-क्या हैं शर्तें

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर हो चुके हैं। यह परफॉर्मेंस आधारित डील है। ईरान को यूरेनियम भंडार कम करना होगा और निरीक्षण की अनुमति देनी होगी, तभी सैंक्शन में राहत मिलेगी।

US-Iran Peace Agreement Vice President Jd Vance said We have already signed the deal digitally
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस | Image: ANI

US-Iran peace deal: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता डिजिटल रूप से पहले ही साइन हो चुका है। उन्होंने साफ किया कि ईरान को अभी तक कोई पैसा या आर्थिक राहत नहीं दी गई है और भविष्य में भी तब तक नहीं दी जाएगी, जब तक ईरान समझौते की शर्तों का पूरा पालन नहीं करता।

वेंस ने अमेरिकी न्यूज चैनल से बात करते हुए बताया, "हमने कल ही डील पर डिजिटल तरीके से साइन कर लिया है और कोई पैसा जारी नहीं किया गया है। यह बात नहीं बदलेगी।" उन्होंने आगे बताया कि यह समझौता परफॉर्मेंस-बेस्ड है। यानी ईरान अगर अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है, तो ही उसे प्रतिबंधों में राहत मिलेगी।

अगर ईरान अपना यूरेनियम (परमाणु सामग्री) का भंडार कम करता है और न्यूक्लियर हथियार न बनाने की पुष्टि के लिए जांच की अनुमति देता है। तभी अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध में राहत देगा।

राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि अमेरिका-ईरान समझौता पूरा हो चुका है और शुक्रवार को औपचारिक रूप से साइन किया जाएगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह समझौता पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाएगा। उन्होंने कहा कि समझौते के बाद होर्मुज खुल जाएगा, वहां से खदानें हटाई जाएंगी और तेल की आवाजाही फिर से शुरू हो जाएगी।

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इजरायल का रुख

इजरायल ने इस डील को स्वीकार नहीं किया है। इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामर बेन-ग्विर ने कहा कि वे इस समझौते से बंधे नहीं हैं। इजरायल अपने फैसले खुद लेगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप का यह समझौता इजरायल पर बाध्यकारी नहीं है। वहीं ईरान का कहना है कि लेबनान को भी इस समझौते में शामिल किया जाए।

समझौते से क्या फायदा?

जे.डी. वेंस ने उम्मीद जताई कि यह डील इजरायल, खाड़ी देशों, अमेरिका और संभावित रूप से ईरान के लोगों के लिए अच्छी साबित होगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में कोई भी समझौता आसान नहीं होता, लेकिन मूल रूप से यह सकारात्मक कदम है।

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अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता लंबे समय से चल रही वार्ताओं का नतीजा है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह डील क्षेत्र में स्थायी शांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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Published By:
 Sagar Singh
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