ट्रंप के तेवर पड़े ढीले! होर्मुज से नाकेबंदी हटाने को तैयार, मगर ईरान के सामने रखी ये बड़ी शर्त; शांति समझौते पर फिर टला फैसला
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अमेरिका की शर्तें मान लेता है तो अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को हटाने के लिए तैयार है। ईरान के साथ समझौते को लेकर ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लंबी बैठक की।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते पर अंतिम फैसला लेने से पहले बड़ा बयान दिया है। ट्रंप के बयान से साफ जाहिर हो रहा है कि अब वो ईरान के साथ चल रहे तनाव को हर हाल में खत्म करना चाहते हैं। ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाए गए अपने नाकेबंदी को हटाने के लिए भी तैयार हो गए हैं। मगर अंतिम फैसले लेने से पहले उन्होंने ईरान के सामने कुछ बड़ी शर्तें रख दी है।
ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अमेरिका की शर्तें मान लेता है तो अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को हटाने के लिए तैयार है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि समझौते की सबसे बड़ी शर्त यह होगी कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
ट्रंप ने ईरान के सामने रखी ये शर्त
ट्रंप ने आगे लिखा कि यदि स्ट्रेट में कहीं समुद्री माइन्स (बारूदी सुरंगें) बिछी हुई हैं तो उन्हें तुरंत हटा दिया जाएगा या नष्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की अंडरवॉटर माइन स्वीपिंग तकनीक से पहले ही कई माइन्स को नष्ट किया जा चुका है। इसका साथ ही जो जहाज हमारी जबरदस्त और अभूतपूर्व नौसैनिक नाकाबंदी के कारण इस जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं और अब यह नाकाबंदी हटा ली जाएगी। वे अब 'घर लौटने' की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं!
US नौसेना की ट्रंप ने की तारीफ
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि अभूतपूर्व नेवल ब्लॉकेड की वजह से फंसे हुए जहाज अब सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य की ओर लौट सकेंगे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में जहाजों पर सवार लोगों से कहा, 'अब आप अपने परिवारों से मिल सकते हैं और उन्हें अपने फेवरेट प्रेसिडेंट की तरफ से हैलो कह सकते हैं।'
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ईरान के साथ डील को लेकर ट्रंप की बैठक
बता दें कि शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लंबी बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में ईरान के साथ चल रहे तनाव, युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोलने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के बाद अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
अंतिम फैसला का अब भी इंतजार
ईरान की तरफ से कहा गया है कि इस बारे में कोई पक्का समझौता अभी नहीं हुआ है। दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता जारी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा अभी सामने नहीं आया है।ट्रंप के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार मार्गों पर इस घटनाक्रम का असर नजर आ सकता है।