Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता के अच्छे संकेत हैं लेकिन यहां आ रही अड़चन, US विदेश मंत्री रुबियो ने बताया क्या चाहते हैं ट्रंप
अमेरिकी विदेश ने कहा कि ईरान के साथ वार्ता में कुछ सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन Strait of Hormuz में टोल लगाने की ईरान की योजना किसी भी समझौते को नामुमकिन बना देगी। राष्ट्रपति ट्रंप कूटनीति से अच्छा समझौता चाहते हैं, वरना अन्य विकल्प भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज को पूरी तरह खाली रखना जरूरी है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और ईरान के बीच सुलह होने के संकेत नहीं मिल रही हैं। दोनों देशों के बीच रहा तनाव लंबा चल सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में कुछ अच्छे संकेत दिख रहे हैं। लेकिन अगर ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर टोल लगाने की योजना पर अड़ा रहा, तो कोई समझौता होना मुश्किल होगा।
रुबियो ने मियामी में संवाददाताओं से बात करते हुए गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हमेशा से यही रुख रहा है कि वे युद्ध के बजाय कूटनीति के जरिए अच्छा समझौता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “अगर अच्छा समझौता हो गया तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर नहीं हुआ तो राष्ट्रपति के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।”
हॉर्मुज पर टोल की योजना अस्वीकार्य
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में टोल लगाने की योजना पर रुबियो ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "कोई भी टोलिंग सिस्टम के पक्ष में नहीं है। यह नहीं हो सकता। यह दुनिया के लिए खतरा होगा और पूरी तरह गैर-कानूनी है। अगर ईरान यह करेगा तो कूटनीतिक समझौता नामुमकिन हो जाएगा।"
पाकिस्तानी मध्यस्थता की उम्मीद
रुबियो ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की ईरान यात्रा का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि इससे वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “कुछ अच्छे संकेत हैं, लेकिन मैं ज्यादा आशावादी नहीं होना चाहता। आइए देखते हैं अगले कुछ दिनों में क्या होता है।”
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28 फरवरी, 2026 में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसका मकसद ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु क्षमता को नष्ट करना था। ईरान ने इसके जवाब में क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए और हॉर्मुज को ब्लॉक कर दिया। अप्रैल 2026 में दोनों पक्षों के बीच अस्थायी संघर्ष विराम हुआ, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और हॉर्मुज पर नियंत्रण को लेकर बातचीत अटकी हुई है।