'13 सैनिकों की मौत, सैकड़ों घायल, अरबों डॉलर का नुकसान...', ईरान युद्ध पर अमेरिका में ही घिरे डोनाल्ड ट्रंप, सांसदों ने की सीजफायर की मांग

US Iran war: ईरान युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश में ही आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं। डेमोक्रेटिक सांसदों ने एक बयान में ट्रंप की नीतियों की आलोचना की। साथ ही ईरान संग सीजफायर की मांग भी की।

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ईरान जंग को लेकर अमेरिका में ही घिरे ट्रंप | Image: Republic

US News: ऐसा लग रहा है कि ईरान जंग को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दांव उल्टा पड़ गया। ईरान न सिर्फ अमेरिका और इजरायल के हमलों का मजबूती से सामना करने के साथ जोरदार पलटवार भी कर रहा है। इन सबके बीच ट्रंप अपनी नीतियों को लेकर दुनियाभर में आलोचनाओं का शिकार होने लगे। इतना ही नहीं ईरान जंग को लेकर वे अपने ही देश में भी घिरते नजर आ रहे हैं।

सांसदों ने की ट्रंप की आलोचना

दरअसल, हाउस ऑफ फॉरेन अफेयर्स कमेटी के कुछ सीनियर डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप की ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से निपटने के तरीके की कड़ी आलोचना की। एक संयुक्त बयान में वरिष्ठ सदस्य ग्रेगरी मीक्स, एडम स्मिथ और जिम हाइम्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प के ईरान के साथ अपनी मर्जी से युद्ध शुरू किए हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है। वह अपने अस्पष्ट लक्ष्यों को हासिल करने के करीब भी नहीं हैं।

सांसदों ने कहा कि ईरानी शासन में ऐसा कोई मूलभूत परिवर्तन नहीं हुआ, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने, बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण करने या आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने में सक्षम नहीं होगा। वह ईरान की लंबे समय से पीड़ित जनता को राहत प्रदान करने में भी विफल रहा है।

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि न केवल इनमें से कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं हुआ है, बल्कि राष्ट्रपति ट्रम्प के युद्ध का क्षेत्र और दुनिया पर बेहद विनाशकारी प्रभाव पड़ा है।

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'वैश्विक स्तर पर गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ'

बयान में आगे युद्ध से अमेरिका को हुए नुकसान की बात भी कही गई। इसमें कहा गया कि इसमें 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत, सैकड़ों अन्य घायल, अरबों डॉलर मूल्य के गोला-बारूद का इस्तेमाल और सैन्य उपकरणों का क्षतिग्रस्त या नष्ट होना शामिल है। हजारों ईरानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 150 से अधिक ईरानी स्कूली छात्राएं भी शामिल हैं। ट्रंप द्वारा किए गए व्यापक विनाश की वजह से अनगिनत लोग अमेरिका के खिलाफ कट्टरपंथी बन गए हैं।

डेमोक्रेट्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों की वजह से वैश्विक स्तर पर गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि उर्वरक, हीलियम और तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भारी कमी आई है, जिससे अमेरिका समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि इस संघर्ष ने पूरे मिडिल ईस्ट को हिंसा और शत्रुता की आग में झोंक दिया है और अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देशों के साथ संबंधों में गहरी दरार पैदा कर दी है।

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डेमोक्रेट सांसदों ने कहा कि ट्रम्प के सत्ता में वापस आने के बाद से उन्होंने अपने सबसे पुराने और सबसे विश्वसनीय सहयोगियों को अपमानित किया, नीचा दिखाया और उन पर दबाव डाला। अब वही सहयोगी उनके इस युद्ध का समर्थन करने से साफ इनकार कर रहे हैं।

सांसदों ने की ये मांग

सांसदों ने ट्रंप प्रशासन से नीति में तुरंत बदलाव की मांग की और पूछा, “अब आगे क्या योजना है? यह युद्ध कब और कैसे खत्म होगा? और इस युद्ध से पैदा हुई व्यापक अस्थिरता और नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी?”

उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प से तत्काल राजनयिक पहल की अपील करते हुए कहा कि हम राष्ट्रपति से आग्रह करते हैं कि वे ईरान के साथ तुरंत युद्धविराम की वार्ता शुरू करें और राजनयिक रास्ते से इस समस्या का समाधान निकालें। यही एकमात्र व्यावहारिक और समझदारी भरा तरीका है, जिससे इस विनाशकारी युद्ध को रोका जा सकता है। अन्यथा स्थिति और बिगड़ सकती है और अमेरिका एक और लंबे, महंगे तथा अपूरणीय युद्ध में फंस सकता है।

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Published By :
Ruchi Mehra
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